

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : भारत जनवरी 2011 से जंगली पोलियो वायरस के मामलों से मुक्त है और पोलियो उन्मूलन की दिशा में देश की अभूतपूर्व उपलब्धि के परिणामस्वरूप विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मार्च 2014 में भारत सहित दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र को पोलियो मुक्त घोषित किया था। भारत विशेषज्ञ सलाहकार समूह (आईईजीए) की सिफारिशों के अनुसार 28 जून, 2026 को एक दिवसीय राष्ट्रीय पल्स पोलियो प्रतिरक्षण दिवस आयोजित किया जाएगा। इस अभियान के अंतर्गत 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों को बूथों पर बाइवेलेंट ओरल पोलियो वैक्सीन की दो बूंदें पिलाई जाएंगी। इसके बाद अगले दो दिनों तक स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा घर-घर जाकर ऐसे बच्चों की पहचान की जाएगी जो किसी कारणवश टीकाकरण से वंचित रह गए हों। इस अभियान का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दुनिया का कोई भी बच्चा पोलियो जैसी विकलांगता पैदा करने वाली बीमारी से कभी प्रभावित न हो।
उप निदेशक (स्वास्थ्य) एवं राज्य प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. अविजीत रॉय ने इस संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि प्रशासन भारत की पोलियो मुक्त स्थिति को बनाए रखने और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि इस वर्ष द्वीपसमूह के 447 बूथों पर लगभग 19,343 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाए जाने का अनुमान है। इसके अतिरिक्त हवाई अड्डे, बंदरगाह और अन्य पारगमन स्थलों पर भी विशेष बूथ स्थापित किए गए हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम के अंतर्गत पर्यटकों तथा वन क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को भी शामिल किया जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य पात्र बच्चों का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है और अभिभावकों से अपील की गई है कि वे 28 जून को अपने बच्चों को निकटतम पोलियो बूथ पर लेकर अवश्य पहुंचें।