अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन

केंद्रीय विश्वविद्यालय और उच्च शिक्षा में सुधार की मांग
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल ने उपराष्ट्रपति को सौंपा ज्ञापन
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सन्मार्ग संवाददाता

श्री विजयपुरम : अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के एक प्रतिनिधिमंडल ने भारत के उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन को एक संक्षिप्त ज्ञापन सौंपा। प्रतिनिधिमंडल ने द्वीप समूह में पूर्ण रूप से विकसित और सार्वजनिक वित्त पोषित केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना तथा उच्च शिक्षा के क्षेत्र में आवश्यक सुधारों के लिए उपराष्ट्रपति से हस्तक्षेप की मांग की। ज्ञापन में द्वीपों के विद्यार्थियों के सामने लंबे समय से चली आ रही उच्च शिक्षा संबंधी चुनौतियों को प्रमुखता से उठाया गया। इनमें विशेष पाठ्यक्रमों, शोध सुविधाओं और रोजगार के अवसरों तक सीमित पहुंच जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे शामिल हैं। विद्यार्थी परिषद ने वर्तमान नेताजी सुभाष चंद्र बोस अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षण संस्थान तथा डीम्ड यूनिवर्सिटी व्यवस्था के पुनर्गठन की व्यापक समीक्षा की मांग भी की। संगठन ने कहा कि इस प्रक्रिया में विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों, पंचायती राज संस्थाओं तथा अन्य सभी संबंधित पक्षों के साथ सार्थक परामर्श किया जाना चाहिए। विद्यार्थी परिषद ने वर्तमान सात सरकारी महाविद्यालयों को मजबूत करने, स्थानीय युवाओं के लिए बेहतर अवसर पैदा करने तथा स्वास्थ्य और शोध संबंधी आधारभूत ढांचे में सुधार करने की मांग की। संगठन ने शिक्षा, रोजगार, संपर्क सुविधा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यटन, समुद्री अर्थव्यवस्था और रणनीतिक विकास को एक ही केंद्रीय विश्वविद्यालय के व्यापक ढांचे के अंतर्गत शामिल करते हुए द्वीप-केंद्रित विकास मॉडल तैयार करने की मांग भी रखी। बातचीत के दौरान उपराष्ट्रपति ने विद्यार्थी परिषद के प्रतिनिधिमंडल को आश्वासन दिया कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में केंद्रीय विश्वविद्यालय की स्थापना का मुद्दा निश्चित रूप से भारत सरकार के समक्ष उठाया जाएगा। इस आश्वासन का विद्यार्थियों, युवाओं और द्वीप समूह के लोगों की लंबे समय से चली आ रही आकांक्षा को पूरा करने की दिशा में एक उत्साहजनक कदम के रूप में स्वागत किया गया। विद्यार्थी परिषद ने दोहराया कि द्वीपों के युवा विशेष व्यवहार नहीं चाहते, बल्कि समान अवसर चाहते हैं। संगठन ने उम्मीद जताई कि केंद्रीय विश्वविद्यालय की मांग पर अब भारत सरकार के स्तर पर सकारात्मक रूप से विचार किया जाएगा।

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