

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम : अंडमान और निकोबार प्रशासन ने आम जनता और सभी संबंधित पक्षों को स्पष्ट किया है कि न्यू वांडूर बीच स्थित फ़िश लैंडिंग जेट्टी के पास ग्लास बॉटम बोट, पैरासेलिंग और अन्य जलक्रीड़ा गतिविधियों के संचालन के लिए ग्राम पंचायत या स्थानीय पंचायत प्राधिकरणों को कोई अनुमति, स्वीकृति या अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का अधिकार नहीं है।
प्रशासन ने कहा है कि मौजूदा नियमों, दिशानिर्देशों और सुरक्षा मानकों के अनुसार नौकाओं और पोतों के संचालन की अनुमति केवल पोर्ट मैनेजमेंट बोर्ड तथा उपायुक्त (दक्षिण अंडमान) के कार्यालय के अधिकार क्षेत्र में आती है। सभी नाव मालिकों, ऑपरेटरों और संबंधित हितधारकों को स्पष्ट रूप से सलाह दी गई है कि वे केवल सक्षम प्राधिकरणों से ही वैध अनुमति प्राप्त करें और निर्धारित सुरक्षा मानकों और कानूनी प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करें।
प्रशासन ने यह स्पष्टीकरण जनहित में जारी किया है ताकि किसी भी प्रकार की भ्रमित स्थिति से बचा जा सके और नियामक अनुपालन सुनिश्चित किया जा सके। यह कदम वांडूर बीच में जलक्रीड़ा गतिविधियों को सुरक्षित और नियंत्रित तरीके से पुनः शुरू करने की दिशा में उठाया गया है।
हाल ही में प्रशासन ने यह भी घोषणा की है कि वांडूर बीच को पुनः जलक्रीड़ा गतिविधियों के लिए खोला जाएगा। इसके तहत निजी ऑपरेटरों को गतिविधियाँ संचालित करने के लिए आमंत्रित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया कि वांडूर बीच पर पहले की जलक्रीड़ा गतिविधियाँ कई वर्ष पूर्व एक मगरमच्छ हमले की घटना के बाद बंद कर दी गई थीं। इसलिए, सुरक्षा मानकों और वैधानिक प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन अब प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
प्रशासन का मानना है कि केवल सक्षम प्राधिकरण से वैध अनुमति प्राप्त करने और निर्धारित नियमों का पालन करने पर ही जलक्रीड़ा गतिविधियाँ सुरक्षित रूप से संचालित की जा सकती हैं। इससे न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि स्थानीय ऑपरेटरों और समुद्री पर्यटन उद्योग की स्थिरता भी बनी रहेगी।
इस तरह वांडूर बीच पर जलक्रीड़ा गतिविधियों को पुनः खोलने की दिशा में प्रशासन ने ठोस और स्पष्ट कदम उठाए हैं, जिससे सुरक्षा, नियमों का अनुपालन और पर्यटन गतिविधियों में व्यवस्थित संचालन सुनिश्चित होगा।