

सन्मार्ग संवाददाता
श्री विजयपुरम :अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद , अंडमान एवं निकोबार इकाई ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन से श्री विजयपुरम में उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाले अंतर-द्वीपीय छात्रों को दिए जाने वाले मासिक वजीफे में तत्काल वृद्धि करने की मांग की है। संगठन ने वर्तमान 1,500 रुपये मासिक वजीफे को बढ़ाकर 5,000 रुपये प्रतिमाह किए जाने की मांग करते हुए कहा है कि वर्तमान राशि छात्रों की वास्तविक आवश्यकताओं की तुलना में अत्यंत अपर्याप्त है।एबीवीपी के सचिव सत्यजीत हल्दर ने अंडमान एवं निकोबार प्रशासन के सचिव (उच्च शिक्षा) को सौंपे गए ज्ञापन में कहा कि दूरस्थ द्वीपों से श्री विजयपुरम आकर जेएनआरएम, एएनसीओएल, एएलसी, टीजीसीई, डीबीआरएआईटी तथा अन्य उच्च शिक्षण संस्थानों में अध्ययन करने वाले छात्रों को गंभीर आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि इन छात्रों को भोजन, आवास, परिवहन, अध्ययन सामग्री तथा अन्य आवश्यक खर्चों के लिए काफी अधिक राशि खर्च करनी पड़ती है। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्तमान में मिलने वाला 1,500 रुपये मासिक वजीफा बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की बढ़ी हुई लागत को देखते हुए बिल्कुल पर्याप्त नहीं है। कई मामलों में तो केवल छात्रावास अथवा मेस का मासिक खर्च ही वर्तमान वजीफे की राशि से अधिक हो जाता है, जिसके कारण छात्रों को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ता है। एबीवीपी ने बताया कि इस वजीफे में अंतिम बार वर्ष 2015 में संशोधन किया गया था, जब इसे 500 रुपये से बढ़ाकर 1,500 रुपये किया गया था। इसके बाद एक दशक से अधिक समय बीत चुका है तथा इस दौरान महंगाई और जीवन-यापन का खर्च काफी बढ़ गया है, लेकिन वजीफे की राशि में कोई और वृद्धि नहीं की गई। संगठन ने कहा कि वजीफे में संशोधन की मांग को लेकर पहले भी प्रशासन को कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं। इस संबंध में पूर्व शिक्षा निदेशक श्री विक्रम सिंह के साथ भी विस्तृत चर्चा की गई थी, जिसमें अंतर-द्वीपीय छात्रों की आर्थिक समस्याओं और वजीफा बढ़ाने की मांग पर सकारात्मक विचार किया गया था। हालांकि, एबीवीपी के अनुसार अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। एबीवीपी ने अपने ज्ञापन में प्रशासन के समक्ष तीन प्रमुख मांगें रखी हैं। संगठन ने कहा कि मासिक वजीफा 1,500 रुपये से बढ़ाकर 5,000 रुपये किया जाए, संशोधित वजीफा तत्काल प्रभाव से लागू किया जाए तथा भविष्य में महंगाई एवं जीवन-यापन की लागत के अनुसार वजीफे में समय-समय पर स्वतः संशोधन करने के लिए एक स्थायी व्यवस्था बनाई जाए। संगठन ने इस बात पर भी जोर दिया कि अधिकांश अंतर-द्वीपीय छात्र आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों से आते हैं और अपनी शिक्षा तथा दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए इसी वजीफे पर काफी हद तक निर्भर रहते हैं। ऐसे में वजीफे में वृद्धि उनके लिए अत्यंत आवश्यक है। एबीवीपी ने प्रशासन से छात्रों और उनकी शिक्षा के व्यापक हित में इस मांग पर शीघ्र एवं सकारात्मक निर्णय लेने की अपील की है। संगठन ने यह भी कहा कि यदि बार-बार ज्ञापन देने और आश्वासन मिलने के बावजूद यह लंबे समय से लंबित मांग पूरी नहीं की गई, तो छात्र अपने वैध अधिकारों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपने आंदोलन को और तेज करने के लिए बाध्य होंगे।