नगालैंड में ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ पर 4 दिवसीय प्रशिक्षण

समावेशी शासन और जनजातीय सशक्तीकरण की दिशा में ठोस कदम
‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत आयोजित प्रशिक्षण रकार्यक्रम में शामिल प्रशासनिक अधिकारी
‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत आयोजित प्रशिक्षण रकार्यक्रम में शामिल प्रशासनिक अधिकारी
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कोहिमा : नगालैंड की राजधानी कोहिमा में सोमवार, 1 सितंबर से एक महत्त्वपूर्ण चार दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ, जो कि ‘आदि कर्मयोगी अभियान’ के तहत आयोजित किया गया है। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के जनजातीय कार्य मंत्रालय और नगालैंड के जनजातीय मामलों के विभाग द्वारा संयुक्त रूप से किया जा रहा है। आयोजन स्थल नगालैंड शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (SCERT), कोहिमा रहा।

कार्यक्रम का उद्देश्य

इस प्रशिक्षण का प्रमुख उद्देश्य समावेशी शासन, सामुदायिक सशक्तीकरण और नीतिगत बदलाव के लिए जमीनी स्तर के कर्मठ और प्रतिबद्ध नेतृत्व का विकास करना है। यह प्रशिक्षण विशेष रूप से राज्य के 12 जिलों से आए अधिकारियों को एक मंच पर लाता है ताकि वे अपने क्षेत्रों में विकासोन्मुख, सहभागी और जनजातीय समाज के अनुरूप योजनाएं प्रभावी रूप से लागू कर सकें।

मुख्य अतिथि का संदेश

कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे एच तोविहोतो अयेमी, जो कि जनजातीय मामलों और चुनाव सलाहकार हैं, ने 'आदि कर्मयोगी अभियान' को एक "निस्वार्थ कार्यकर्ताओं का मिशन" बताया, जिसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर परिवर्तनकारी बदलाव लाना है।
उन्होंने कहा: “यह पहल सेवा, संकल्प और समर्पण का प्रतीक है और 2047 तक ‘एक विकसित भारत’ के लक्ष्य के अनुरूप कार्य कर रही है।”

अन्य केंद्रीय पहल : 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' (DAJGUA)

इस अवसर पर जनजातीय मामलों की सचिव एंजेलिना ताजेन ने भारत सरकार की एक अन्य महत्त्वपूर्ण पहल धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान (DAJGUA)’ की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि:

  • यह अभियान 2 अक्टूबर, 2024 को शुरू किया गया था।

  • नगालैंड में 15 विभाग मिलकर इसे 608 जनजातीय गांवों में लागू कर रहे हैं।

  • सभी विभाग लक्षित हस्तक्षेपों के माध्यम से भागीदारी निभा रहे हैं।

ताजेन ने आशा जताई कि प्रशिक्षण में भाग लेने वाले 79 अधिकारी अपने जिलों में सीखी गई रणनीतियों और ज्ञान को प्रभावशाली ढंग से लागू करेंगे।

प्रशिक्षण संचालन दल

इस व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन एक अनुभवी और बहुस्तरीय टीम द्वारा किया जा रहा है, जिसमें शामिल हैं:

  • रणनीतिक प्रबंधन दल (SMT) के सदस्य

  • 2 सुपर कोच

  • भारत ग्रामीण आजीविका फाउंडेशन (BRLF) के 4 प्रतिनिधि

  • 69 जिला प्रबंधन दल (DMT) के सदस्य, जो 6 प्रमुख विभागों से जुड़े हुए हैं

कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र एम. किचुंग फोम, SMT सदस्य और कार्यक्रम अधिकारी, की अध्यक्षता में संपन्न हुआ। 'आदि कर्मयोगी अभियान' और 'DAJGUA' जैसी पहलें इस बात की गवाही देती हैं कि सरकार अब सिर्फ नीति निर्माण तक सीमित नहीं, बल्कि जमीनी क्रियान्वयन और क्षमता निर्माण पर भी गंभीरता से काम कर रही है।
जनजातीय समुदायों के समावेशी विकास के लिए यह एक सराहनीय प्रयास है, जो यदि सही दिशा में आगे बढ़ता है, तो यह नगालैंड ही नहीं, बल्कि पूरे उत्तर-पूर्वी भारत में सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण की नयी मिसाल कायम कर सकता है।

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