25 अक्टूबर को आयोजित होगा भव्य लक्ष्मी पूजा महोत्सव

25 अक्टूबर को आयोजित होगा भव्य लक्ष्मी पूजा महोत्सव

पूजा आयोजन समिति और मंदिर विकास समिति की तैयारियां हुई पूरी
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गुवाहाटी:

असम के कामरूप जिले में गुवाहाटी के निकट चांगसारी के धोपातारी स्थित लक्ष्मीनगर में ऐतिहासिक श्रीश्री लक्ष्मीशिल थान में 25 अक्टूबर को श्रीश्री लक्ष्मी पूजा महोत्सव का आयोजन किया जाएगा। महोत्सव को लेकर पूजा आयोजन समिति और मंदिर विकास समिति की ओर से तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। आयोजन के दौरान मां लक्ष्मी की पूजा-अर्चना, नाम-कीर्तन, पुष्पांजलि और प्रसाद वितरण सहित विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजकों को उम्मीद है कि इस अवसर पर तीन हजार से अधिक श्रद्धालु मंदिर में पहुंचकर मां लक्ष्मी के दर्शन करेंगे और परिवार तथा समाज की सुख-समृद्धि की कामना करेंगे। आयोजन समिति के अध्यक्ष जितेंद्र लहकर और सचिव दशरथ डेका तथा मंदिर प्रबंधन समिति के अध्यक्ष समरेंद्र लहकर और सचिव प्रदुन्य डेका ने बताया कि महोत्सव के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा रही हैं। मंदिर में श्रद्धालुओं की संभावित बड़ी संख्या को देखते हुए धार्मिक कार्यक्रमों के संचालन और भक्तों की सुविधा पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

सुबह आठ बजे से शुरू होंगे धार्मिक कार्यक्रम

महोत्सव के दिन सुबह आठ बजे मां लक्ष्मी की वंदना और पूजा-अर्चना के साथ कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। सुबह दस बजे महिलाओं की ओर से नाम-कीर्तन किया जाएगा। इसके बाद दोपहर 12 बजे श्रद्धालु मां लक्ष्मी के चरणों में पुष्पांजलि अर्पित करेंगे। दोपहर एक बजे प्रसाद वितरण किया जाएगा, जबकि दोपहर 1.45 बजे से आमंत्रित अतिथियों के स्वागत का कार्यक्रम निर्धारित है। दोपहर दो बजे श्रद्धालुओं के बीच भोग वितरित किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, महोत्सव में श्रद्धालु दीपक, धूप और नैवेद्य अर्पित कर मां लक्ष्मी से अपने परिवार की खुशहाली, आर्थिक समृद्धि और क्षेत्र के कल्याण की प्रार्थना करेंगे। मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना के लिए बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना है।

धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है लक्ष्मीशिल थान

चांगसारी के लक्ष्मीनगर स्थित लक्ष्मीशिल थान को क्षेत्र का एक प्रसिद्ध और ऐतिहासिक धार्मिक स्थल माना जाता है। राष्ट्रीय राजमार्ग-27 के गुवाहाटी की ओर स्थित इस मंदिर से श्रद्धालुओं की गहरी आस्था जुड़ी हुई है। मां लक्ष्मी के प्रति भक्ति और मंदिर की धार्मिक मान्यताओं के कारण यहां विशेष अवसरों पर बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं। महोत्सव के दिन धार्मिक कार्यक्रमों के समापन के बाद शाम को आयोजन समिति के पदाधिकारियों और शुभचिंतकों के बीच मंदिर के भविष्य की कार्ययोजना पर चर्चा भी होगी। इस बैठक में मंदिर के विकास और आगामी गतिविधियों से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
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