

मुंबई/पुणे : महाराष्ट्र में शनिवार को जन्माष्टमी के अवसर पर दही हांडी का उत्सव पूरे जोश और उल्लास के साथ मनाया गया। मुंबई और आसपास के इलाकों में हजारों ‘गोविंदा’ मानव पिरामिड बनाकर ऊंचाई पर लटकाई गई दही से भरी मटकियां फोड़ने पहुंचे। इस दौरान मुंबई में 22 गोविंदा घायल हो गए। वहीं, पुणे के ओल्ड सांगवी इलाके में दही हांडी कार्यक्रम के लिए लगाया गया अस्थायी लोहे का ढांचा गिरने से 45 वर्षीय महिला की मौत हो गई।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के अधिकारियों के मुताबिक, शहर और आसपास आयोजित दही हांडी कार्यक्रमों में मानव पिरामिड बनाते समय 22 गोविंदा घायल हुए। इनमें से 21 को इलाज के बाद अस्पतालों से छुट्टी दे दी गई, जबकि एक घायल का उपचार जारी है।
अधिकारियों ने बताया कि पूर्वी उपनगर में घायल हुए एक गोविंदा को प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। पश्चिमी उपनगर में घायल एक अन्य व्यक्ति अभी अस्पताल में उपचाराधीन है।
दही हांडी उत्सव के दौरान ऊंचाई से गिरने या अन्य दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए बीएमसी ने पहले से व्यापक चिकित्सा व्यवस्था की थी। नगर निकाय के अनुसार, उपनगरों के 16 बीएमसी अस्पतालों के अलावा सायन के लोकमान्य तिलक महानगरपालिका सामान्य अस्पताल, परेल के केईएम अस्पताल और मुंबई सेंट्रल के नायर अस्पताल में 100 से अधिक बिस्तर आरक्षित रखे गए थे।
अस्पतालों में आपात चिकित्सा व्यवस्था भी तैयार रखी गई थी, ताकि उत्सव के दौरान घायल होने वाले गोविंदाओं को तत्काल उपचार मिल सके।
मुंबई के लालबाग, दादर, परेल, वर्ली, भांडुप, मुलुंड, जोगेश्वरी और अंधेरी समेत कई इलाकों में दही हांडी के आयोजन हुए। पड़ोसी ठाणे और नवी मुंबई में भी बड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए। ढोल-ताशों और हिंदी-मराठी गीतों के बीच गोविंदा टोलियां अलग-अलग आयोजन स्थलों पर पहुंचीं।
कई टीमों ने महीनों तक मानव पिरामिड बनाने का अभ्यास किया था। युवक और युवतियां रंग-बिरंगी पोशाकों में ट्रकों और टेंपो से आयोजन स्थलों तक पहुंचे और ऊंचाई पर बांधी गई हांडियां फोड़ने का प्रयास किया। कई आयोजनों में विजेता टीमों के लिए लाखों रुपये तक के पुरस्कार रखे गए थे।
पुणे के ओल्ड सांगवी इलाके में दही हांडी कार्यक्रम के लिए लगाए गए अस्थायी लोहे के ढांचे का एक भारी हिस्सा गिरने से 45 वर्षीय सलमा सलाउद्दीन पठान की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, घटना शुक्रवार देर रात कार्यक्रम समाप्त होने के बाद हुई, जब कर्मचारी ढांचे को हटाने का काम कर रहे थे।
भारी हिस्सा महिला के सिर पर गिरा, जिससे उन्हें गंभीर चोट लगी। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, कार्यक्रम का आयोजन ‘विघ्नहर्ता मंडल’ ने किया था। मृतका का बेटा आयोजन से जुड़े मंडल का सदस्य था। परिवार ने आयोजकों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराने से इनकार किया और पुलिस से इस घटना में स्वत: मामला दर्ज नहीं करने का अनुरोध भी किया।
हालांकि, पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है और लोहे के ढांचे के गिरने की परिस्थितियों की जांच की जा रही है।
मुंबई में बड़े पैमाने पर हुए आयोजनों को देखते हुए पुलिस ने संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई थी। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया। प्रशासन की ओर से भी आयोजकों को सुरक्षा और चिकित्सा व्यवस्था सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
दही हांडी भगवान कृष्ण के जन्मोत्सव से जुड़ी जन्माष्टमी का प्रमुख हिस्सा है। इसमें गोविंदा कई स्तरों वाला मानव पिरामिड बनाकर जमीन से कई मीटर ऊपर लटकी मटकी को फोड़ते हैं। इसी रोमांचक परंपरा के कारण मुंबई और महाराष्ट्र के अन्य हिस्सों में हर वर्ष बड़े पैमाने पर आयोजन होते हैं।