

मैड्रिड : दक्षिणी स्पेन के अल्मेरिया प्रांत में लगी भीषण जंगल की आग में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई है। यह आग देश के इतिहास की सबसे घातक वनाग्नियों में से एक मानी जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, मृतकों में कई लोग जली हुई गाड़ियों के अंदर मिले हैं, जबकि छह अन्य लोग घायल हुए हैं।
आग पर काबू पाने के लिए 150 दमकलकर्मी और स्पेन की सैन्य आपदा इकाई के 220 जवान लगातार राहत एवं बचाव कार्य में जुटे हैं। इससे पहले प्रशासन ने मृतकों की संख्या 12 बताई थी, लेकिन बाद में इसे संशोधित कर 11 कर दिया।
यह आग अल्मेरिया के सिएरा दे लॉस फिलाब्रेस पर्वतीय क्षेत्र के निकट स्थित एक छोटे से गांव में भड़की। अधिकारियों ने अभी तक आग लगने के कारण की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है, हालांकि प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गिरी हुई बिजली की लाइन से चिंगारी निकलने के बाद आग तेजी से पास के जंगल में फैल गई।
आग के कारण कई सड़कों को बंद करना पड़ा और लगभग 1,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। स्पेन के प्रधानमंत्री पेद्रो सांचेज़ ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि अल्मेरिया में आग की त्रासदी से उन्हें गहरा दुख और पीड़ा हुई है।
स्पेन पिछले कुछ वर्षों से लगातार भीषण गर्मी और हीटवेव का सामना कर रहा है। कई क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच रहा है। तेज हवाएं, अत्यधिक गर्मी और कम वर्षा के कारण छोटी आग भी तेजी से विकराल रूप ले रही है।
जून महीने में स्पेन में रिकॉर्ड स्तर की गर्मी दर्ज की गई थी, जिसके कारण 1,000 से अधिक अतिरिक्त मौतें होने का अनुमान है। वहीं, पश्चिमी यूरोप के कई हिस्से पिछले छह सप्ताह में तीसरी बार भीषण हीटवेव की चपेट में हैं।
यूरोपीय संघ की कोपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस के अनुसार, यूरोप दुनिया का सबसे तेजी से गर्म होने वाला महाद्वीप है, जहां 1980 के दशक के बाद से तापमान वैश्विक औसत की तुलना में लगभग दोगुनी गति से बढ़ा है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जीवाश्म ईंधनों के बढ़ते उपयोग से होने वाला जलवायु परिवर्तन जंगल की आग जैसी आपदाओं की आवृत्ति और तीव्रता को लगातार बढ़ा रहा है।