सीटिंग क्षमता से अधिक यात्री ढो रही सियालदह की AC लोकल

आराम के लिए ज्यादा किराया देने को तैयार हैं यात्री
सीटिंग क्षमता से अधिक यात्री ढो रही सियालदह की AC लोकल
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: एक समय लोकल ट्रेन में आरामदायक सफर की कल्पना भी मुश्किल थी, लेकिन अब सियालदह मंडल की एसी लोकल ट्रेनों की तस्वीर तेजी से बदल रही है। अधिक किराया होने के बावजूद यात्री बड़ी संख्या में इन ट्रेनों का रुख कर रहे हैं। हालात यह हैं कि कई रूटों पर एसी लोकल अपनी सीटिंग क्षमता से कहीं अधिक यात्रियों के साथ चल रही है। पूर्व रेलवे के आंकड़ों के अनुसार, सियालदह–रानाघाट एसी लोकल में जून महीने के दौरान कुल 80,408 यात्रियों ने सफर किया। यानी प्रतिदिन औसतन 2,872 यात्री इस सेवा का उपयोग कर रहे हैं, जबकि अप और डाउन मिलाकर ट्रेन की कुल दैनिक सीटिंग क्षमता 2,232 है। इस तरह ट्रेन अपनी क्षमता के लगभग 128.7 प्रतिशत यात्रियों के साथ संचालित हुई। जून में इस सेवा से रेलवे को 61.38 लाख रुपये की आय हुई। वहीं बनगांव शाखा की एसी लोकल में जून के दौरान 81,332 यात्रियों ने यात्रा की। औसतन प्रतिदिन 3,128 यात्री इस ट्रेन में सफर कर रहे हैं, जो इसकी सीटिंग क्षमता का करीब 140 प्रतिशत है। कुछ दिनों में यात्री संख्या 185 से 188 प्रतिशत तक पहुंच गई। इस रूट से जून में रेलवे को 62.36 लाख रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। कृष्णनगर शाखा की एसी लोकल में जून के दौरान 61,797 यात्रियों ने सफर किया। प्रतिदिन औसतन 2,472 यात्रियों ने इस सेवा का उपयोग किया, जो ट्रेन की सीटिंग क्षमता का लगभग 111 प्रतिशत है। इस रूट से जून में 48 लाख रुपये से अधिक की आय हुई। पूर्व रेलवे के अधिकारियों का मानना है कि इन आंकड़ों से साफ है कि अब बड़ी संख्या में यात्री अधिक किराया देकर भी आरामदायक यात्रा को प्राथमिकता दे रहे हैं। कई लोग मरीजों को कोलकाता लाने के लिए निजी वाहन के बजाय एसी लोकल का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे समय और खर्च दोनों की बचत हो रही है। फिलहाल सियालदह मुख्य लाइन, बनगांव और बारासात रूट पर कुल छह जोड़ी एसी लोकल ट्रेनें चल रही हैं। बनगांव और रानाघाट से सियालदह तक एसी लोकल का किराया 120 रुपये है, जबकि मासिक पास की कीमत क्रमशः 2,430 रुपये और 2,440 रुपये है। हालांकि एसी लोकल का किराया सामान्य लोकल ट्रेनों की तुलना में 8 से 9 गुना अधिक है, फिर भी यात्रियों का कहना है कि बेहतर स्पेस, अपेक्षाकृत कम भीड़ और आरामदायक सफर के कारण वे इस सेवा को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बीच, सियालदह मंडल के डीआरएम राजीव सक्सेना ने कहा कि भविष्य में मेट्रो की तरह एसी लोकल ट्रेनों में भी यात्री उपस्थिति 200 प्रतिशत तक पहुंच सकती है, जो इस सेवा की बढ़ती लोकप्रियता का संकेत है।


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