सरकारी बसों के कंडक्टरों की मनमानी रोकने के लिए लगेंगे बॉडी कैमरे

मातृशक्ति के जरिए मिली कई शिकायतें, परिवहन मंत्री ने जारी किए हेल्पलाइन नंबर कंट्रोल रूम से होगी निगरानी, महिलाएं किसी भी समय कर सकेंगी शिकायत आगामी मार्च तक दूरदराज के इलाकों के लिए चलेंगी एसी बसें, विभिन्न राज्यों के साथ हो रहा समझौता
सरकारी बसों के कंडक्टरों की मनमानी रोकने के लिए लगेंगे बॉडी कैमरे
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ये रहे हेल्पलाइन नंबर

एनबीएसटी: 9046229025

एसबीएसटी: 7699993930

डब्ल्यूबीटीसी/सीटीसी: 8697733391 / 8697733392

सीएसटीसी: 033-22360462 / 3

डब्ल्यूबीएसटीसी: 9432597098

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : सरकारी बसों के कंडक्टरों की मनमानी और यात्रियों के साथ कथित दुर्व्यवहार पर लगाम लगाने के लिए राज्य के परिवहन विभाग की ओर से कई महत्वपूर्ण कदम उठाए जा रहे हैं। इसी क्रम में बस कंडक्टरों को बॉडी कैमरे दिए जाएंगे, ताकि उनकी गतिविधियों और यात्रियों के साथ उनके व्यवहार पर नजर रखी जा सके। राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने संवाददाताओं को संबोधित करते हुए कहा कि पिछले कई दिनों से मातृशक्ति के माध्यम से महिलाओं की ओर से कई शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों में कहा गया था कि सड़क पर महिलाओं द्वारा बस रोकने के बावजूद कई बार बसें नहीं रोकी जाती हैं। वहीं, पुरुष यात्रियों द्वारा पैसे देने के बावजूद उन्हें टिकट नहीं दिए जाने की शिकायतें भी सामने आई हैं। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए गुरुवार को परिवहन मंत्री ने प्रिंसिपल सेक्रेटरी की मौजूदगी में विभिन्न सरकारी बस सेवाओं के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए। इन नंबरों पर यात्री अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। मंत्री ने बताया कि कंडक्टरों की मनमानी पर रोक लगाने के लिए पहली बार बॉडी कैमरों का इस्तेमाल किया जाएगा। इससे कंडक्टरों की गतिविधियों पर नजर रखी जा सकेगी। इन कैमरों की निगरानी परिवहन भवन की चौथी मंजिल स्थित कंट्रोल रूम से की जाएगी।

दूरदराज के लिए बढ़ेंगी एसी बसें

इसके अलावा रेसिप्रोकल ट्रांसपोर्ट सिस्टम के तहत दूरदराज के इलाकों के लिए और अधिक एसी बसें चलाने की योजना है। इसके लिए उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, झारखंड और सिक्किम समेत विभिन्न राज्यों के साथ समझौता किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य कोलकाता और राज्य के अन्य हिस्सों के लिए बेहतर और आधुनिक बस सेवा उपलब्ध कराना है। आगामी मार्च तक इस योजना के तहत दूरदराज के रूटों पर एसी बसों की संख्या बढ़ाने की तैयारी है।


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