श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन उपवन मंदिर में प्रभु का मूलवेदी पर पुनः स्थापन और जीर्णोद्धार समारोह

श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन उपवन मंदिर में प्रभु का मूलवेदी पर पुनः स्थापन और जीर्णोद्धार समारोह
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कोलकाता : पार्श्वनाथ भगवान के असीम आशीर्वाद और समस्त जैन समाज के सामूहिक समर्पण से श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन उपवन मंदिर जी के जीर्णोद्धार (पवित्र नवीनीकरण) और प्रभु के मूलवेदी (गर्भगृह) पर पुनः स्थापन का भव्य कार्य सफलता पूर्वक संपन्न हो गया है। ट्रस्टी महेंद्र पांड्या ने बताया कि विगत कई महीनों के अथक प्रयासों के बाद, मंदिर का अत्यंत सूक्ष्मता और शुचिता के साथ जीर्णोद्धार किया गया है। भागचंद पहाड़िया ने बताया कि यह अलौकिक अनुष्ठान श्रद्धेय आचार्य 108 श्री वसुनंदी जी महामुनिराज ससंघ के पावन सान्निध्य और प्रतिष्ठित प्रतिष्ठाचार्य आनंद शास्त्री जी के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। संपूर्ण परिसर शक्तिशाली मंत्रों, हवन और पवित्र अभिषेक की मंगल ध्वनियों से गुंजायमान रहा। महामंत्री सुधीर जैन ने कहा यह अलौकिक कार्य हमारे समाज और भक्तों के अटूट सहयोग के बिना संभव नहीं था।

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