धार्मिक पर्यटन सर्किट में शामिल होगा शिवनिवास

श्रावणी मेले को भी मिलेगा पर्यटन मानचित्र पर स्थान , पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने किया दौरा एशिया के दूसरे सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध शिवनिवास के विकास का आश्वासन
धार्मिक पर्यटन सर्किट में शामिल होगा शिवनिवास
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : नदिया के ऐतिहासिक शैव तीर्थ शिवनिवास को राज्य के प्रस्तावित धार्मिक पर्यटन सर्किट में शामिल करने की दिशा में पहल की जाएगी। एशिया के दूसरे सबसे बड़े शिवलिंग के रूप में प्रसिद्ध राजा कृष्णचंद्र द्वारा स्थापित इस धार्मिक स्थल के पर्यटन विकास को लेकर राज्य के पर्यटन मंत्री शंकर घोष ने आश्वासन दिया है। इसके साथ ही शिवनिवास में आयोजित होने वाले प्रसिद्ध श्रावणी मेले को राज्य के पर्यटन मानचित्र पर प्रमुखता से स्थान दिलाने की भी योजना है। श्रावण मास के सोमवार से एक दिन पहले रविवार को पर्यटन मंत्री शंकर घोष शिवनिवास मंदिर पहुंचे। उनके साथ स्थानीय विधायक सुकांत विश्वास भी मौजूद थे। दोनों ने मंदिर में पूजा-अर्चना करने के बाद शिवलिंग पर जलाभिषेक किया। इसी दौरान मंत्री ने शिवनिवास को धार्मिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की सरकार की योजना की जानकारी दी। मंत्री ने कहा कि उत्तर बंगाल के जल्पेश की तरह शिवनिवास में भी श्रावण के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसलिए दोनों प्रमुख धार्मिक स्थलों को जोड़कर पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विशेष पहल की जाएगी। शंकर घोष ने कहा कि शिवनिवास में हर वर्ष बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन होता है। उनकी सुविधा को ध्यान में रखते हुए आने वाले दिनों में यहां बुनियादी ढांचे और यात्री सुविधाओं को बेहतर करने पर भी ध्यान दिया जाएगा।

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