

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: शहर के रेस्टोरेंट्स में खाद्य सुरक्षा और साफ-सफाई को लेकर नियमों को और सख्त करने की तैयारी है। हाल में हुई खाद्य सुरक्षा जांच के बाद कई रेस्टोरेंट संचालकों ने खाने की चीजों पर लेबल लगाने, मांस, मसाले और सब्जियों को लंबे समय तक स्टोर न करने तथा किचन हाइजीन पर ज्यादा ध्यान देने का फैसला किया है। होटल एंड रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ ईस्टर्न इंडिया (HRAEI) की ओर से आयोजित FOSTAC (Food Safety Supervisor Training & Certification) कार्यक्रम में 100 से अधिक रेस्टोरेंट प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। आने वाले दिनों में नेशनल रेस्टोरेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (NRAI) से जुड़े रेस्टोरेंट्स के लिए भी 18 और 21 सितंबर को ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। रेस्टोरेंट संचालकों के मुताबिक, खाद्य पदार्थों पर लेबल लगाना जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट रहे कि सामग्री कब तैयार या स्टोर की गई है और पुराने खाद्य पदार्थों के इस्तेमाल से बचा जा सके। कुछ रेस्टोरेंट्स ने बताया कि वे पहले से ही खाद्य सामग्री को एक-दो दिन से ज्यादा स्टोर नहीं करते और पुरानी सामग्री का इस्तेमाल पहले करने की व्यवस्था अपनाते हैं। HRAEI ने किचन में कैप और दस्ताने के इस्तेमाल को भी अनिवार्य किए जाने की बात कही है। रेस्टोरेंट संचालकों का कहना है कि नियमित निरीक्षण से साफ-सफाई के मानकों को बेहतर बनाए रखने में मदद मिलेगी। वहीं, कुछ रेस्टोरेंट मालिकों ने सुझाव दिया कि खाद्य सुरक्षा जांच केवल त्योहारों से पहले नहीं, बल्कि पूरे साल चरणबद्ध तरीके से नियमित रूप से होनी चाहिए। उनका मानना है कि इससे बड़े रेस्टोरेंट्स के साथ-साथ छोटे और स्वतंत्र भोजनालयों में भी स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी।