

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल में अंतर्देशीय जल परिवहन को आधुनिक और सुरक्षित बनाने की दिशा में शुक्रवार को बड़ा कदम उठाया गया। राज्य के परिवहन विभाग के मंत्री अर्जुन सिंह ने कोलकाता के मेटियाब्रूज फेरी घाट पर आयोजित समारोह में 10 आधुनिक गैंगवे-कम-पॉन्टून जेटियों का उद्घाटन किया। इनमें मेटियाब्रूज जेटी का प्रत्यक्ष उद्घाटन किया गया, जबकि अन्य नौ जेटियों का लोकार्पण वर्चुअल माध्यम से किया गया। विश्व बैंक की वित्तीय सहायता से वेस्ट बंगाल इनलैंड वाटर ट्रांसपोर्ट, लॉजिस्टिक्स एंड स्पेशल डेवलपमेंट प्रोजेक्ट के तहत निर्मित ये जेटियां गंगा तटीय क्षेत्र के पांच जिलों में बनाई गई हैं। इनमें हुगली के चंदनी (चिनसुरा) और हुगली घाट, हालीशहर के जूटमिल, कोलकाता का मेटियाब्रूज, पुझाली, बाली, बरानगर, उत्तर बैरकपुर का बाबाजी घाट, बैद्यबाटी का कनाईदेवान तथा हल्दिया के कुकड़ाहाटी शामिल हैं। इस अवसर पर मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि यह परियोजना राज्य में अंतर्देशीय जल परिवहन को आधुनिक, सुरक्षित, विश्वसनीय और पर्यावरण-अनुकूल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने कहा कि बंगाल की समृद्ध जलमार्ग परंपरा को नई तकनीक और आधुनिक सुविधाओं के साथ पुनर्जीवित किया जा रहा है, जिससे शहरी आवागमन, क्षेत्रीय संपर्क और आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। नई जेटियों में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आधुनिक फ्लोटिंग पॉन्टून, ढके हुए गैंगवे, प्रतीक्षालय, फिसलन-रोधी मार्ग, पेयजल, बायो-टॉयलेट, सीसीटीवी निगरानी और सौर ऊर्जा से संचालित प्रकाश व्यवस्था जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग यात्रियों के लिए भी विशेष रूप से सुगम पहुंच सुनिश्चित की गई है। मंत्री ने बताया कि इन जेटियों के माध्यम से भविष्य में हाइब्रिड-इलेक्ट्रिक फेरी सेवाएं शुरू करने का मार्ग भी प्रशस्त होगा, जिससे राज्य में स्वच्छ, हरित और ऊर्जा-कुशल जल परिवहन प्रणाली विकसित की जा सकेगी। उन्होंने विश्व बैंक, परियोजना से जुड़े इंजीनियरों, सलाहकारों, ठेकेदारों और सभी संबंधित एजेंसियों का आभार व्यक्त करते हुए इन 10 आधुनिक फेरी जेटियों को पश्चिम बंगाल की जनता को समर्पित किया।