

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: दुर्गापूजा से पहले कोलकाता के ऐतिहासिक कुम्हारटोली में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। मूर्तिकारों के लिए दुनिया भर में मशहूर कुम्हारटोली घाट को अब नए रूप में विकसित किया जा रहा है। श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट और अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन लिमिटेड (APSEZ) की संयुक्त पहल से करीब 10 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना पर काम चल रहा है। सब कुछ तय योजना के मुताबिक रहा तो सितंबर में नए घाट का उद्घाटन हो सकता है। सूत्रों के मुताबिक, 24 सितंबर को उद्घाटन की संभावना है। परियोजना के तहत कुम्हारटोली से चंपातला घाट तक हुगली नदी के करीब 300 मीटर हिस्से को विकसित किया जा रहा है। यहां आधुनिक रिवरफ्रंट तैयार किया जाएगा, जिसमें पार्क, वॉकिंग पाथ और पर्यटकों के बैठने के लिए आधुनिक सुविधाएं होंगी। इसके अलावा लोगों के मनोरंजन के लिए बोटिंग जोन भी विकसित किया जा रहा है। उद्देश्य कुम्हारटोली के पारंपरिक माहौल को बरकरार रखते हुए इसे आधुनिक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना है।
फूड पार्क और प्रदर्शनी गैलरी भी
नए रिवरफ्रंट में फूड पार्क के साथ एक प्रदर्शनी गैलरी भी तैयार की जा रही है। इस गैलरी के जरिए कुम्हारटोली की समृद्ध कला और मूर्तिकला की परंपरा को देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के सामने पेश किया जाएगा। कुम्हारटोली की पहचान केवल दुर्गापूजा की मूर्तियों तक सीमित नहीं है। यहां पीढ़ियों से कलाकार मिट्टी की मूर्तियां तैयार करते आ रहे हैं। नई परियोजना के जरिए उनकी कला और इस इलाके के इतिहास को भी पर्यटन से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
पुरानी विरासत को रखा जाएगा बरकरार
कायाकल्प के दौरान कुम्हारटोली की ऐतिहासिक पहचान से छेड़छाड़ नहीं की जाएगी। इलाके के पुराने मंदिरों, ऐतिहासिक ढांचों और पारंपरिक मकानों को संरक्षित रखते हुए आधुनिक सुविधाएं विकसित की जाएंगी। इससे पर्यटकों को एक ही जगह पर कुम्हारटोली की पुरानी विरासत और आधुनिक रिवरफ्रंट, दोनों का अनुभव मिल सकेगा।
हेरिटेज टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा
कुम्हारटोली को एक प्रमुख हेरिटेज टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम चल रहा है। राज्य का पर्यटन विभाग इसके लिए एक मास्टर प्लान तैयार कर रहा है। इस योजना के तहत कुम्हारटोली को केवल दुर्गापूजा के दौरान आने वाले पर्यटकों तक सीमित न रखकर पूरे साल पर्यटन के नक्शे पर लाने की कोशिश है।
300 से अधिक मूर्तिकारों को फायदा
इस परियोजना का सीधा लाभ कुम्हारटोली के 300 से अधिक मूर्तिकारों और कारीगरों को मिलने की उम्मीद है। पर्यटन को बढ़ावा मिलने से देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों को पूरे साल उनकी कला देखने और समझने का मौका मिलेगा। दुर्गापूजा के दौरान जिस कुम्हारटोली में देश-विदेश से लोग देवी प्रतिमाओं को देखने पहुंचते हैं, वह आने वाले दिनों में कोलकाता के प्रमुख हेरिटेज टूरिज्म स्थलों में शामिल हो सकता है।