दामोदर के चर से मिला द्वितीय विश्व युद्ध के समय का मोर्टार शेल

दामोदर के चर से मिला द्वितीय विश्व युद्ध के समय का मोर्टार शेल
Published on

बांकुड़ा: सोनामुखी में दामोदर नदी के चर से सोमवार शाम एक पुराना मोर्टार शेल बरामद होने से इलाके में हलचल मच गई। विशेषज्ञों के प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, यह मोर्टार शेल द्वितीय विश्व युद्ध के समय का हो सकता है। सूचना मिलने के बाद सोनामुखी थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और सुरक्षा के मद्देनजर इलाके को घेर लिया। पुलिस ने सेना को भी इसकी सूचना दी है।

स्थानीय लोगों के अनुसार, सोमवार शाम कुछ लोगों की नजर दामोदर के चर में मिट्टी में आंशिक रूप से दबे इस धातु के खोल पर पड़ी। इसकी खबर फैलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जुटने लगी। बाद में स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने तत्काल इलाके की घेराबंदी कर लोगों की आवाजाही रोक दी और सेना को इसकी जानकारी दी।

बांकुड़ा में द्वितीय विश्व युद्ध के समय के मोर्टार शेल मिलने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी द्वारकेश्वर और दामोदर नदी के आसपास ऐसे विस्फोटक पदार्थ बरामद हो चुके हैं। कुछ महीने पहले सोनामुखी थाना क्षेत्र के डीहिपाड़ा में भी तीन मोर्टार शेल मिले थे, जिन्हें सेना की टीम ने मौके पर पहुंचकर निष्क्रिय किया था।

बांकुड़ा क्रिश्चियन कॉलेज के एनसीसी प्रभारी प्रोफेसर अरुणाभ बंद्योपाध्याय के मुताबिक, द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बांकुड़ा के पियारडोबा के आसपास ब्रिटिश और अमेरिकी वायुसेना का एक ठिकाना था। रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस ठिकाने से जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न इलाकों में हमले किए जाते थे। उस समय वहां जमा किए गए कुछ हथियार बाद में मिट्टी और बालू के नीचे दब गए होंगे। समय-समय पर मिल रहे मोर्टार शेल उसी इतिहास की याद दिलाते हैं।

Google पर सन्मार्ग न्यूज़ पडे →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in