तीर्थंकर भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण महोत्सव

Howrah Bridge at Kolkata in India
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कोलकाता : श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मन्दिर डबसन हावड़ा सावन सुदी सप्तमी दिन जैन धर्म के 23 वें तीर्थंकर,उपसर्ग विजेता भगवान पार्श्वनाथ का निर्वाण कल्याणक महोत्सव अत्यंत हर्षोल्लास,भक्ति एवं आध्यात्मिक वातावरण के साथ मनाया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जैन धर्मावलंबियों ने शिरकत कर भगवान पार्श्वनाथ के चरणों में अपनी आस्था अर्पित की। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः से भगवान पार्श्वनाथ के भव्य अभिषेक, विश्व शांति की कामना के लिए शांतिधारा एवं सामूहिक पूजन से हुआ। तत्पश्चात उपस्थित सभी साधर्मी बंधुओं के सानिध्य में निर्वाण कांड का पाठ करते हुए श्रद्धालुओं ने भक्तिभाव से 'निर्वाण लाडू' अर्पित किया। इस अवसर पर प्रतिमाधारी मिलाप चंद जैन ने भगवान पार्श्वनाथ के जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान पार्श्वनाथ क्षमा, अहिंसा, सत्य, अस्तेय और अपरिग्रह के साक्षात प्रतीक थे। उन्होंने उपसर्ग करने वाले कमठ पर भी क्षमा की वर्षा कर पूरी दुनिया को मैत्री का संदेश दिया। आज के समय में उनके बताए मार्ग पर चलना ही विश्व शांति का एकमात्र उपाय है। कार्यक्रम को भव्य और सफल बनाने में सुरेश गंगवाल, सुशील पांड्या, भागचंद बडजात्या, भानु प्रकाश कासलीवाल, धीरेन जैन, पंकज बगड़ा, सुरेंद्र जैन, सज्जन झांझरी, रमेश जैन, नितेश जैन, प्रतीक जैन, अवनीश लुहाड़िया, शशि काशलीवाल, पुष्पा गंगवाल आदि का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

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