तारकेश्वर धाम को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्वरूप : मुख्यमंत्री

तीर्थक्षेत्र सर्किट विकसित करेगी राज्य सरकार
तारकेश्वर धाम को मिलेगा अंतरराष्ट्रीय स्वरूप : मुख्यमंत्री
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सन्मार्ग संवाददाता

हुगली : श्रावणी मेला के उद्घाटन समारोह में मंगलवार को पहुंचे मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल में धार्मिक पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। उन्होंने राज्य में तीर्थक्षेत्र सर्किट विकसित करने की घोषणा करते हुए कहा कि इसके तहत मुर्शिदाबाद का किरीटेश्वरी मंदिर, जलपाईगुड़ी का जल्पेश मंदिर, कूचबिहार का मदनमोहन मंदिर, बीरभूम का तारापीठ, कोलकाता का दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कालीघाट तथा तारकेश्वर धाम को एक धार्मिक पर्यटन सर्किट से जोड़ा जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए अगले दो वर्षों में 1,000 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा विकास की बात करते हैं और राज्य सरकार भी उसी भावना के साथ धार्मिक पर्यटन तथा तीर्थस्थलों के विकास को प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने कहा कि नई सरकार राष्ट्रवादी सोच और भारत की सनातन सांस्कृतिक परंपराओं का सम्मान करते हुए राज्य को विकास के नए मार्ग पर आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि पहले वह व्यक्तिगत स्तर पर कांवड़ यात्रियों और श्रद्धालुओं की सेवा में सहयोग करते थे, लेकिन अब सरकार की जिम्मेदारी है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। उन्होंने बताया कि कांवड़िए जल लेकर लंबी दूरी पैदल तय करते हैं और राज्य एवं राष्ट्रीय राजमार्गों के साथ रेलवे ओवरब्रिज जैसे जोखिमपूर्ण मार्गों से होकर तारकेश्वर पहुंचते हैं। पहले सरकार की भूमिका केवल कुछ सिविक वॉलेंटियर तैनात कर यातायात नियंत्रित करने तक सीमित थी, जबकि वर्तमान सरकार ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि यात्रा मार्ग पर प्रत्येक पांच किलोमीटर की दूरी पर सरकारी सेवा केंद्र स्थापित किए गए हैं, जहां श्रद्धालुओं के लिए पेयजल, ओआरएस और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साथ ही, पूरे मार्ग को आकर्षक रोशनी से सजाया गया है। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों की निगरानी की जिम्मेदारी तारकेश्वर डेवलपमेंट अथॉरिटी के माध्यम से अतिरिक्त जिलाधिकारी को सौंपी गई है। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य तारकेश्वर धाम को अंतरराष्ट्रीय स्तर का तीर्थस्थल बनाना तथा श्रावणी मेले को राष्ट्रीय एवं विरासत मेले का दर्जा दिलाना है। उन्होंने कहा कि अयोध्या, काशी विश्वनाथ और उज्जैन के तर्ज पर तारकेश्वर का भी भव्य विकास किया जाएगा। मुख्यमंत्री के धार्मिक मंच पर पहुंचने पर साधु-संतों ने उनका जोरदार स्वागत किया और उन्हें त्रिशूल भेंट किया। इस अवसर पर मंत्री सुमना सरकार, विधायक स्वराज घोष, तुषार मजुमदार, संतु पान, दिलीप सिंह, दीपांजन गुहा सहित कई जनप्रतिनिधि एवं गणमान्य उपस्थित रहे।


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