

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
मालीगांव : पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने स्टेशनों के आधुनिकीकरण की दिशा में एक और अहम उपलब्धि हासिल की है। अपने क्षेत्राधिकार के अधीन तीन रेलवे स्टेशनों- रंगिया मंडल के माजबाट, अलीपुरद्वार मंडल के जलपाईगुड़ी रोड और कटिहार मंडल के हल्दीबाड़ी स्टेशन को 'अमृत भारत स्टेशन योजना' के तहत पुनर्विकसित किया गया हैं। रेलवे स्टेशनों को आधुनिक, सुलभ और यात्रियों के अनुकूल परिवहन केंद्र में बदलने की दिशा में यह एक बड़ा प्रयास है। साथ ही इसमें हर क्षेत्र की स्थानीय विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी बरकरार रखा गया है। असम और पश्चिम बंगाल के इन तीनों स्टेशनों को यात्रियों की बेहतर सुविधाओं और यात्रा के बेहतर अनुभव के लिए पूर्णतः अपग्रेड किया गया है, जो विश्व-स्तरीय रेल अवसंरचना विकसित करने के भारत सरकार के विज़न के अनुरूप है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत, असम में माजबाट रेलवे स्टेशन को 10.19 करोड़ रुपये, जलपाईगुड़ी रोड रेलवे स्टेशन को 34.80 करोड़ रुपये और हल्दीबाड़ी रेलवे स्टेशन को लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकसित किया गया है। हर स्टेशन को उसकी क्षेत्रीय पहचान और कामकाज की ज़रूरतों के हिसाब से डिज़ाइन किया गया है। तीनों स्टेशनों पर यात्रियों की सुविधा के लिए आधुनिक अवसंरचना भी विकसित किए गए है। इसमें आकर्षक स्टेशन बिल्डिंग, बेहतर सर्कुलेटिंग एरिया, वृहत्त प्रतीक्षालय, बेहतर प्लेटफ़ॉर्म इंफ्रास्ट्रक्चर, आवश्यकतानुसार लिफ़्ट के साथ फ़ुट ओवर ब्रिज, दिव्यांग-अनुकूल सुविधाएँ, आधुनिक शौचालय, यात्रियों के लिए अत्याधुनिक सूचना प्रणाली, बेहतर लाइटिंग, लैंडस्केपिंग और अन्य आधुनिक सुविधाएँ शामिल हैं। इस बड़े पैमाने पर किए गए पुनर्विकास से यात्रियों की सुविधा बढ़ने, क्षेत्रीय कनेक्टिविटी मज़बूत होने, पर्यटन को बढ़ावा और आस-पास के इलाकों के सामाजिक-आर्थिक विकास में मदद मिलने की उम्मीद है। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत इन स्टेशनों का पुनर्विकास, एनएफआर में रेल अवसंरचना को मज़बूत करने और यात्रा के पूरे इकोसिस्टम को बेहतर बनाने की दिशा में एक अहम कदम है। इन स्टेशनों से पर्यटन, स्थानीय व्यापार और वाणिज्य को बढ़ावा मिलेगा, रोज़गार के नए अवसर पैदा होंगे और अपने-अपने क्षेत्रों की अनोखी सांस्कृतिक और स्थापत्य विरासत की झलक देखने को मिलेगी। 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' जैसी योजना से स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को काफी बढ़ावा मिलेगा। आधुनिक स्टेशन ऐसी जीवंत सार्वजनिक जगहों के तौर पर अपनी सेवा देंगे, जो सतत विकास और बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी को बढ़ावा देंगी। इन बदलाव वाले परियोजनाओं के ज़रिए, एनएफआर आधुनिक, समावेशी और भविष्य के लिए तैयार भारतीय रेल के विज़न में निरंतर योगदान कर रहा है, जिससे यात्रियों और उन समुदायों को दीर्घकालीन लाभ होगा, जिसकी वह सेवा करता है। यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने दी।