

सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : कोलकाता महानगर क्षेत्र में रेल यातायात को नई गति देने और हावड़ा स्टेशन पर बढ़ते दबाव को कम करने के उद्देश्य से सांतरागाछी जंक्शन का व्यापक पुनर्विकास किया जा रहा है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन को आधुनिक सुविधाओं से युक्त विश्वस्तरीय ट्रांजिट हब के रूप में विकसित किया जा रहा है। परियोजना के पूरा होने के बाद यह स्टेशन यात्रियों को बेहतर अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ पूर्वी भारत के प्रमुख रेलवे केंद्रों में अपनी पहचान और मजबूत करेगा।
आधुनिक स्वरूप में बदल रहा स्टेशन परिसर : पुनर्विकास कार्य के तहत स्टेशन को आधुनिक वास्तुकला के अनुरूप नया रूप दिया जा रहा है। नए बहुमंजिला स्टेशन भवन, विशाल कॉनकोर्स क्षेत्र, बेहतर प्रकाश व्यवस्था और आकर्षक बाहरी डिजाइन से स्टेशन की पहचान पूरी तरह बदल जाएगी। स्टेशन भवन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यात्रियों को प्रवेश, निकास और विभिन्न सुविधाओं तक पहुंचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो। रेलवे द्वारा यात्रियों की सुविधा को प्राथमिकता देते हुए स्टेशन पर अत्याधुनिक सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। नए टिकट बुकिंग काउंटर, वातानुकूलित प्रतीक्षालय, आधुनिक शौचालय, पेयजल व्यवस्था, डिजिटल सूचना प्रणाली और आरामदायक बैठने की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा यात्रियों के लिए फूड कोर्ट और रिटेल आउटलेट्स भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे यात्रा अनुभव और बेहतर होगा।
प्लेटफॉर्मों के बीच आसान और सुरक्षित आवागमन : स्टेशन के सभी प्लेटफॉर्मों को बेहतर तरीके से जोड़ने के लिए चौड़े फुट ओवरब्रिज (एफओबी) और कई आधुनिक सबवे बनाए गए हैं। इससे यात्रियों को प्लेटफॉर्म बदलने में आसानी होगी तथा भीड़भाड़ की स्थिति में भी सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित हो सकेगी। बुजुर्गों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए लिफ्ट और एस्केलेटर भी लगाए जा रहे हैं।
हावड़ा-कोलकाता क्षेत्र के लिए बनेगा राहत केंद्र : सांतरागाछी जंक्शन का रणनीतिक महत्व लगातार बढ़ रहा है। यह स्टेशन हावड़ा स्टेशन के विकल्प के रूप में विकसित किया जा रहा है, जिससे बड़ी संख्या में ट्रेनों का संचालन यहां से संभव होगा। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि स्टेशन के उन्नयन से हावड़ा टर्मिनल पर यात्रियों और ट्रेनों का दबाव कम होगा तथा पूरे महानगरीय क्षेत्र में रेल यातायात अधिक सुगम बनेगा।
पूर्वी भारत का महत्वपूर्ण कोचिंग यार्ड और जंक्शन : सांतरागाछी केवल एक रेलवे स्टेशन नहीं, बल्कि दक्षिण पूर्व रेलवे का एक महत्वपूर्ण परिचालन केंद्र भी है। यहां स्थित विशाल कोचिंग यार्ड में ट्रेनों की रेक मेंटेनेंस और संचालन संबंधी गतिविधियां संचालित होती हैं। स्टेशन से प्रतिदिन बड़ी संख्या में उपनगरीय लोकल ट्रेनें, मेल और एक्सप्रेस सेवाएं गुजरती हैं, जो इसे क्षेत्र के सबसे व्यस्त जंक्शनों में शामिल करती हैं।सांतरागाछी जंक्शन से अनेक महत्वपूर्ण लंबी दूरी की ट्रेनों का संचालन होता है। हाल के वर्षों में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित अमृत भारत एक्सप्रेस जैसी नई ट्रेनों के संचालन ने भी स्टेशन के महत्व को बढ़ाया है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए स्टेशन के बुनियादी ढांचे का विस्तार समय की आवश्यकता माना जा रहा है।
क्षेत्रीय विकास और आर्थिक गतिविधियों को मिलेगा बढ़ावा : रेलवे विशेषज्ञों के अनुसार स्टेशन के पुनर्विकास से केवल यात्री सुविधाओं में सुधार ही नहीं होगा, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा। बेहतर कनेक्टिविटी, आधुनिक बुनियादी ढांचा और व्यावसायिक सुविधाओं के विकास से स्थानीय व्यापार, रोजगार और शहरी विकास को नई दिशा मिलेगी।
भविष्य के लिए तैयार हो रहा सांतरागाछी : अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत चल रहा यह पुनर्विकास कार्य सांतरागाछी जंक्शन को भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर रहा है। आधुनिक तकनीक, बेहतर यात्री सुविधाओं और सुदृढ़ परिवहन नेटवर्क के साथ यह स्टेशन आने वाले वर्षों में पूर्वी भारत के सबसे आधुनिक रेलवे ट्रांजिट हब के रूप में स्थापित होने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।