

कोलकाता: ईस्टर्न रेलवे (ER) की रेलवे सुरक्षा बल (RPF) ने वर्ष 2025 के दौरान यात्रियों की सुरक्षा, अपराध रोकथाम और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। चारों मंडलों में आरपीएफ द्वारा सघन अभियान चलाते हुए रेलवे अधिनियम, 1989 की 29 धाराओं के तहत कुल 79,710 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 88,098 आरोपियों को गिरफ्तार कर अभियोजन किया गया। इन मामलों में ₹2,65,03,693 का जुर्माना वसूला गया, जो वर्ष 2024 की तुलना में लगभग 9 प्रतिशत की वृद्धि दर्शाता है।
इसके अलावा रेलवे संपत्ति (अवैध कब्जा) अधिनियम, 1966 के तहत 252 मामले दर्ज कर 529 अपराधियों को गिरफ्तार किया गया।
वर्ष 2025 में आरपीएफ ने यात्रियों की सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए 21 यात्री-केंद्रित अभियानों को प्रभावी रूप से लागू किया। इनमें ऑपरेशन मातृशक्ति, ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते, ऑपरेशन वाइलेप और ऑपरेशन नार्कोस जैसे प्रमुख अभियान शामिल रहे।
महिला और बाल सुरक्षा आरपीएफ की सर्वोच्च प्राथमिकता रही। वर्ष 2025 में आरपीएफ ने 118 बच्चों को तस्करों से मुक्त कराया और 58 मानव तस्करों को गिरफ्तार कर राज्य पुलिस को सौंपा।
इसके अतिरिक्त, रेलवे परिसरों में 17 महिलाओं के सुरक्षित प्रसव में सहायता की गई तथा 44 यात्रियों की जान जोखिम भरी परिस्थितियों से बचाई गई।
“मेरी सहेली” पहल के तहत 354 महिला आरपीएफ कर्मियों की 15 विशेष टीमें महिलाओं की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने में तैनात रहीं। साथ ही 14 लेडीज़ स्पेशल ट्रेनों में आरपीएफ एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया गया। बिना वैध अनुमति भारत में प्रवेश करने वाले 12 विदेशी नागरिकों को भी गिरफ्तार कर संबंधित एजेंसियों को सौंपा गया।
आरपीएफ ईस्टर्न रेलवे ने वन्यजीव तस्करी के विरुद्ध बड़ी सफलता हासिल की। वर्ष के दौरान 18 तस्करों को गिरफ्तार कर 542 वन्य जीवों एवं पक्षियों को बचाया गया। आरोपियों पर वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 51 के तहत कार्रवाई की गई।
रेलवे अवसंरचना की सुरक्षा के लिए आरपीएफ ने 17 आरोपियों को तोड़फोड़ के मामलों में गिरफ्तार किया। पश्चिम बंगाल और बिहार में दर्ज 4 मामलों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं रेलवे अधिनियम की धाराओं के तहत कार्रवाई की गई, जिससे यात्रियों और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित हुई।
वर्ष 2025 में यात्रियों के सामान की चोरी के 252 मामले दर्ज हुए। इनमें 409 आरोपियों को पकड़ा गया, जिन्हें जीआरपी/पुलिस को सौंपा गया। बरामद चोरी की संपत्ति की कीमत लगभग ₹23.14 लाख आंकी गई।
इसके अलावा आरपीएफ ने यात्रियों के 5,030 खोए या छूटे हुए सामान वापस दिलाने में मदद की, जिनकी अनुमानित कीमत ₹5.67 करोड़ है।
ऑपरेशन नार्कोस के तहत 45 मादक पदार्थ तस्करी के मामलों का पता लगाकर 61 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया तथा लगभग ₹26 करोड़ मूल्य के 793 किलोग्राम मादक पदार्थ जब्त किए गए।
आर्म्स एक्ट के तहत 11 मामले दर्ज, 4 आरोपी गिरफ्तार कर 12 हथियार, 160 जिंदा कारतूस बरामद किए गए।
साथ ही ₹1.32 करोड़ का सोना, ₹87.94 लाख की चांदी और ₹5.19 करोड़ नकद जब्त कर 23 लोगों को गिरफ्तार किया गया, जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए जीएसटी एवं आयकर विभाग को सौंपा गया।
श्रावणी मेला, गंगासागर मेला और त्योहारों के दौरान भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए आरपीएफ ने प्रभावी प्रबंधन किया। हावड़ा, सियालदह, जसीडीह और भागलपुर स्टेशनों पर 5 होल्डिंग एरिया बनाए गए तथा ड्रोन आधारित निगरानी प्रणाली और फेशियल रिकॉग्निशन सॉफ्टवेयर युक्त सीसीटीवी का उपयोग किया गया।
यात्रियों की सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने के लिए प्रतिदिन औसतन 187 मेल/एक्सप्रेस ट्रेनें और 171 डीएमयू/मेमू लोकल ट्रेनों में आरपीएफ एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया गया।
आरपीएफ ने टिकट रहित यात्रा की रोकथाम में वाणिज्य विभाग को सहयोग देते हुए 5,01,881 मामलों में ₹20.99 करोड़ की वसूली में सहायता की।
ईस्टर्न रेलवे में 77 आरपीएफ पोस्टों पर तैनात 5,952 अधिकारी और कर्मचारी पूरी निष्ठा से यात्रियों एवं रेलवे संपत्ति की सुरक्षा में लगे रहे।
आरपीएफ ईस्टर्न रेलवे के आईजी-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त श्री ए.एन. सिन्हा ने वर्ष 2025 में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पूरे आरपीएफ बल को बधाई दी और आने वाले वर्ष में भी सतर्क एवं पेशेवर रूप से तैयार रहने का आह्वान किया।