5 महीनों से ‘कंकाल’ बना कवि सुभाष स्टेशन, पूरे रूट पर कब दौड़ेगी मेट्रो, इंतजार में यात्री

8-9 महीनों के भीतर स्टेशन का पुनर्निर्माण कर सेवा बहाल करने का है दावा यात्रियों का सवाल है, आखिर कब फिर से दक्षिणेश्वर से कवि सुभाष तक मेट्रो दौड़ेगी
The claim is that the station will be rebuilt and services restored within 8-9 months.
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : कोलकाता मेट्रो की ब्लू लाइन के दक्षिणी छोर पर स्थित कवि सुभाष मेट्रो स्टेशन पिछले 5 महीनों से अधिक समय से बंद पड़ा है। 28 जुलाई से स्टेशन पर मेट्रो सेवाएं ठप हैं, लेकिन अब तक न तो स्टेशन को तोड़ा गया है और न ही पुनर्निर्माण का काम रफ्तार पकड़ पाया है। कभी बेहद व्यस्त रहने वाला यह स्टेशन आज 'कंकाल' और लगभग परित्यक्त अवस्था में नजर आ रहा है। प्लेटफॉर्म के पिलरों में दरार समेत कई गंभीर संरचनात्मक खामियों के सामने आने के बाद सुरक्षा कारणों से पूरे स्टेशन को तोड़कर नए सिरे से बनाने का फैसला लिया गया था। उस समय मेट्रो प्रशासन ने दावा किया था कि 8-9 महीनों के भीतर स्टेशन का पुनर्निर्माण कर सेवा बहाल कर दी जाएगी लेकिन बंद होने के करीब 6 महीने बाद भी जमीनी हकीकत यह है कि काम शुरू होने के आसार तक स्पष्ट नहीं हैं। स्टेशन परिसर में कई जगह झाड़ियाँ उग आई हैं और सोशल मीडिया पर वायरल हो रही तस्वीरें मेट्रो प्रशासन की किरकिरी कर रही हैं। ब्लू लाइन पर कवि सुभाष तक मेट्रो सेवा बंद रहने से यात्रियों को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। दक्षिण कोलकाता और गरिया इलाके को जोड़ने वाला यह स्टेशन हजारों दैनिक यात्रियों के लिए अहम था। अब उन्हें शहीद खुदीराम स्टेशन से आगे जाने के लिए दो बार ऑटो बदलना पड़ रहा है, जिससे समय और खर्च, दोनों बढ़ गए हैं। यात्रियों का सवाल है कि आखिर कब फिर से दक्षिणेश्वर से कवि सुभाष तक मेट्रो दौड़ेगी। स्थिति को और जटिल बना रहा है शहीद खुदीराम स्टेशन पर प्रस्तावित क्रॉसओवर का काम, जो अब तक अधूरा है। इस परियोजना के पूरा होने की समय-सीमा को लेकर भी मेट्रो अधिकारी स्पष्ट जवाब नहीं दे पा रहे हैं। मेट्रो सूत्रों के मुताबिक, स्टेशन जमीन के ऊपर लगभग 21 पिलरों पर बना है। 28 जुलाई को इनमें से चार पिलरों में गंभीर दरारें पाई गईं, जिससे स्टेशन के धंसने का खतरा पैदा हो गया। इसके बाद तत्काल मेट्रो परिचालन रोक दिया गया और संरचनात्मक जांच के लिए एक एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी गई। पूरे काम पर करीब 9.5 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। हालांकि, अब तक स्टेशन को पूरी तरह तोड़ने का काम भी शुरू नहीं हो पाया है। फिलहाल प्लेटफॉर्म की छत हटाने के बाद ढांचा यूं ही पड़ा हुआ है। इस मुद्दे पर मेट्रो रेल के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एस. एस. कन्नान ने कहा, “पूरी स्थिति की समीक्षा की जा रही है। काम कब पूरा होगा, इसकी निश्चित समय-सीमा अभी बताना संभव नहीं है।”


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