हावड़ा : ‘लहराते देखे हैं हमने श्याम निशान हजारों, हारे का साथी यही है प्रेम से इनको पुकारो, जो पैदल चलते हैं उनके संग चलते हैं रस्ता दिखलाते हैं....खाटू के बाबा श्याम ।’ इस बहुचर्चित भजन की पंक्तियां पूर्वी भारत में श्याम भक्तों के महातीर्थ के रूप में परिणित श्री श्याम मंदिर घुसुड़ीधाम की भव्य विराट और एतिहासिक निशान शोभायात्रा में प्रमाणित होते दिखीं । हजारों श्याम भक्तों ने अपनी मनोकामना पूर्ति एवं बाबा श्याम के प्रति अपार श्रद्धा को दर्शाते हुए बाबा श्याम को निशान (ध्वजा) अर्पित किए। श्री श्याम मंदिर घुसुड़ीधाम के रंग-रंगीला फाल्गुन मेला-2026 के शुभारंभ पर निकाली गई लगभग 5 किलोमीटर लम्बी यह पैदल निशान शोभायात्रा लगभग प्रातः 5.30 बजे गोलाबाड़ी घासबागान से प्रारंभ हुई जिसमें हजारों निशान यात्रियों के अलावा अन्य हजारों भक्त भी शामिल हुए। इस बार हावड़ा सिटी पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने स्वयं उपस्थित होकर इस पूरे आयोजन के निर्विघ्न और सफल आयोजन के लिए कमान संभाली। पूरे आयोजन का अत्यंत भावपूर्ण संचालन मंदिर के मिडिया प्रभारी सुरेश कुमार भुवालका ने किया। मंदिर के प्रबंध न्यासी और मेला कमेटी के अध्यक्ष बिनोद टिबड़ेवाल ने इस निशान शोभायात्रा के निर्विघ्न समापन पर हावड़ा सिटी पुलिस और न्यू ऑयरन मार्केट एसोसियेशन सहित हावड़ा वेलफेयर ट्रस्ट, हरियाणा जागृति संघ (कोलकाता), पवन गर्ग, मानव सेवा समिति (हावड़ा), मारवाड़ी रिलीफ सोसायटी, बम बासुकी ग्रुप, श्री श्याम प्रेमी (हावड़ा), मारवाड़ी युवा मंच (हावड़ा शाखा), श्री नारायणी मंगल पाठ समिति (बांधाघाट), माहेश्वरी मेडिकल फटाफट सेवा समिति आदि संस्थाओं द्वारा निशान यात्रियों की सेवार्थ आयोजित शिविरों के लिये कृतज्ञता ज्ञापित की । मेला कमेटी के चेयरमैन नवल सुल्तानिया, सचिव सुरेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त सचिव राधेश्याम टिबड़ेवाल, कोषाध्यक्ष किशन कासुका, कार्यक्रम समन्वयक कपिल अग्रवाल, संयोजक वरूण अग्रवाल सहित सांवरमल अग्रवाल, संजय केजरीवाल, नारायण टिबड़ेवाल, दीपक टिबड़ेवाल, पवन गर्ग, राकेश गर्ग, संजय टिबड़ेवाल, अविनाश अग्रवाल, देवेन्द्र सिंह, राजेश अग्रवाल, मुकेश कानोड़िया, दिलीप केडिया, गोपाल अग्रवाल, अरबिन्द बागला, देवेन्द्र कासुका, श्याम परसरामपुरिया, राजेश सिंघानिया, पप्पू जमालपुरिया, राहुल अग्रवाल, अंकुर गोयल, मोहित अग्रवाल, सौरव अग्रवाल, अनिल धनानिया, मोहित पटवारी सहित सभी पदाधिकारियों का सक्रिय सहयोग रहा।