सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता, 22 सितंबर। यात्रियों और रेलवे परिसंपत्तियों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए पूर्व रेलवे के रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 42वां स्थापना दिवस मनाया। 20 सितंबर को सियालदह, आसनसोल और मालदा मंडलों में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण, सामुदायिक कल्याण और आपसी सौहार्द को बढ़ावा देने वाली गतिविधियां हुईं।
महाप्रबंधक गीतिका पाण्डेय के नेतृत्व में पूर्व रेलवे में सुरक्षा और संरक्षा को मजबूत करने की दिशा में आरपीएफ लगातार कार्य कर रहा है।
सियालदह में रन फॉर यूनिटी और सांस्कृतिक कार्यक्रम
सियालदह मंडल में स्थापना दिवस की शुरुआत रन फॉर यूनिटी से हुई। इसके बाद पौधरोपण और श्रमदान के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण एवं सामुदायिक सेवा का संदेश दिया गया। शाम को नारकेलडांगा आरपीएफ रिजर्व लाइन में सांस्कृतिक कार्यक्रम और पारंपरिक बाराखाना भोज का आयोजन किया गया। आरपीएफ बैंड की प्रस्तुति कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण रही। समारोह में करीब 200 अधिकारी और कर्मचारी शामिल हुए।
आसनसोल में योग और रक्तदान
आसनसोल मंडल में 85 प्रतिभागियों ने रन फॉर यूनिटी में हिस्सा लिया। अंडाल, जसीडीह, दुर्गापुर और पानागढ़ आरपीएफ पोस्ट के 195 कर्मियों ने योग सत्र में भाग लिया। विभिन्न पोस्टों पर 50 पौधे लगाए गए। आरपीएफ रिजर्व कंपनी, आसनसोल में आयोजित रक्तदान शिविर में 41 अधिकारियों और कर्मचारियों ने रक्तदान किया। इसके अलावा सुरक्षा सम्मेलन में 105 कर्मियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का समापन सामूहिक बाराखाना भोज के साथ हुआ।
मालदा में स्वच्छता और जन-जागरूकता
मालदा मंडल के विभिन्न आरपीएफ पोस्ट और आउटपोस्ट पर मिशन स्टेटमेंट शपथ और स्वच्छता अभियान आयोजित किए गए। न्यू फरक्का, खलतीपुर, बरहरवा, भागलपुर और सुल्तानगंज में जन-जागरूकता कार्यक्रम हुए। जमालपुर, साहिबगंज, कहलगांव और अभयपुर समेत कई स्थानों पर योग, थकान प्रबंधन, पौधरोपण और श्रमदान से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए गए।
महानिरीक्षक-सह-प्रधान मुख्य सुरक्षा आयुक्त/आरपीएफ/पूर्व रेलवे ए.एन. सिन्हा ने स्थापना दिवस समारोह को सफल बनाने में अधिकारियों और कर्मचारियों के समर्पण, टीम भावना और सक्रिय सहयोग की सराहना की। इस अवसर पर आरपीएफ कर्मियों ने यात्रियों की सुरक्षा, रेलवे परिसंपत्तियों की रक्षा और जनकल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।