तारकेश्वर मंदिर की पारंपरिक पहचान का प्रतीक बना गेरुआ रंग

धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का बना प्रतीक
तारकेश्वर मंदिर की पारंपरिक पहचान का प्रतीक बना गेरुआ रंग
Published on

सन्मार्ग संवाददाता

हुगली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कल हुगली जिला दौरे को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। बताया जा रहा है कि प्रधानमंत्री बाबा तारकनाथ के दर्शन करेंगे। इसे देखते हुए तारकेश्वर मंदिर परिसर को गेरुआ रंग में रंगा गया है, जिसे लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। इसके साथ ही तारकेश्वर स्टेशन को भी नया रूप दिया गया है। दरअसल, राज्य के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने कहा था कि मंदिर परिसर पहले नीले और सफेद रंग का था, जिसे पूर्ववर्ती सरकार के समय बदला गया था। वर्तमान में पूरा मंदिर परिसर गेरुआ रंग में रंगा हुआ है, जो इसकी धार्मिक परंपरा और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक माना जा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर का यह स्वरूप इसकी ऐतिहासिक और आध्यात्मिक पहचान को और अधिक प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करता है। इसके साथ ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में साफ-सफाई पर विशेष ध्यान दिया गया है। राजबाड़ी मैदान में चलाए गए स्वच्छता अभियान के दौरान स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और जनभागीदारी के महत्व पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने लोगों से सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की।




Google पर संवाद सर्च बनाएं →
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in