जन विश्वास अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम

1989 के कुछ प्रावधानों में संशोधन
देश के ब्रॉड गेज नेटवर्क का 99.6 प्रतिशत हिस्सा अब विद्युतीकृत हो चुका है
भारतीय रेलवे अपने सबसे बड़े आधुनिकीकरण अभियानों में से एक रेलवे विद्युतीकरण पूरा करने को करीब
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कोलकाता : जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 जो दिनांक 08.04.2026 को भारत के राजपत्र में प्रकाशित हुआ था, के माध्यम से रेलवे अधिनियम, 1989 के कुछ प्रावधानों में संशोधन किया गया है। इसके उपरांत, भारत सरकार ने दिनांक 19.06.2026 की अपनी राजपत्र अधिसूचना के माध्यम से इन संशोधित प्रावधानों को लागू करने की सूचना दी है।

इन संशोधनों का उद्देश्य जनजीवन को अधिक सुगम बनाना, जुर्माने को तर्कसंगत बनाना, यात्रियों में अनुशासन बढ़ाना और रेलवे नियमों के पालन को बेहतर बनाना है।

संशोधित प्रावधानों के तहत, बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। इसी प्रकार, बिना अनधिकृत रूप से धोखाधड़ी के इरादे से यात्रा करते पाए जाने वाले यात्रियों को अब किराए के साथ न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

हस्तांतरित टिकट (ट्रांसफर्ड टिकट) पर यात्रा से संबंधित प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। अब नियमों का उल्लंघन करने वालों को जेल या जुर्माने की सज़ा के बजाय, टिकट की जब्ती के साथ किराया तथा न्यूनतम ₹500 का अतिरिक्त शुल्क देना होगा।

रेलवे परिसर में यात्रियों को बेहतर सुविधाएँ देने और व्यवस्था बनाए रखने के लिए, अनधिकृत रूप से सामान बेचने, भीख माँगने, धूम्रपान करने, आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश करने तथा महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करने पर लगने वाले जुर्माने में काफ़ी बदलाव किए गए हैं। धूम्रपान करने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है, जबकि आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश करने पर अब 2,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करने पर ₹2,500 का जुर्माना, टिकट अथवा पास की जब्ती तथा संबंधित व्यक्ति को उस डिब्बे से हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

नशे की अवस्था एवं उपद्रव से संबंधित प्रावधानों में भी संशोधन किया गया है। रेलवे परिसर से हटाए जाने तथा टिकट की जब्ती के अतिरिक्त, ऐसे मामलों में दोषी व्यक्ति को 24 घंटे तक का साधारण कारावास, ₹1,000 तक का जुर्माना, सामुदायिक सेवा अथवा इनमें से एक या अधिक दंड एक साथ दिए जा सकते हैं।

भारतीय रेल सभी यात्रियों एवं रेलवे उपयोगकर्ताओं से अपील करती है कि वे इन संशोधित प्रावधानों की जानकारी प्राप्त करें तथा रेलवे नेटवर्क में सुरक्षा, स्वच्छता, अनुशासन एवं यात्री सुविधा बनाए रखने में सहयोग करें।

यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे केवल वैध टिकट के साथ यात्रा करें, धूम्रपान एवं अन्य प्रतिबंधित गतिविधियों से दूर रहें तथा रेलवे के सभी नियमों एवं विनियमों का सख्ती से पालन करें।

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