रेलवे के नियम हुए सख्त

बिना टिकट यात्रा, धूम्रपान और आरक्षित कोच में अनधिकृत प्रवेश पर बढ़ा जुर्माना
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रेलवे कर्मियों को मिलेगा 78 दिन के वेतन के बराबर बोनस
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कोलकाता : केंद्र सरकार ने जन विश्वास (प्रावधानों में संशोधन) अधिनियम, 2026 के तहत रेलवे अधिनियम, 1989 के कई प्रावधानों में महत्वपूर्ण संशोधन लागू कर दिए हैं। ये संशोधित नियम 19 जून 2026 की राजपत्र अधिसूचना के बाद प्रभावी हो गए हैं। इनका उद्देश्य यात्रियों में अनुशासन बढ़ाना, रेलवे परिसरों में व्यवस्था बनाए रखना तथा नियमों के पालन को और अधिक प्रभावी बनाना है। नए नियमों के अनुसार, बिना वैध टिकट या पास के यात्रा करने पर लगने वाला न्यूनतम अतिरिक्त शुल्क 250 रुपये से बढ़ाकर 500 रुपये कर दिया गया है। वहीं, धोखाधड़ी के इरादे से बिना टिकट यात्रा करने वाले यात्रियों को किराए के अलावा कम से कम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क देना होगा। हस्तांतरित (ट्रांसफर्ड) टिकट पर यात्रा करने के मामलों में भी बदलाव किया गया है। अब ऐसे मामलों में जेल या सामान्य जुर्माने के बजाय टिकट जब्त किया जाएगा और किराए के साथ न्यूनतम 500 रुपये का अतिरिक्त शुल्क वसूला जाएगा। रेलवे परिसर में धूम्रपान करने पर जुर्माना 200 रुपये से बढ़ाकर 2,000 रुपये कर दिया गया है। इसके अलावा, आरक्षित डिब्बों में अनधिकृत प्रवेश पर 2,000 रुपये तथा महिलाओं के लिए आरक्षित कोच में प्रवेश करने पर 2,500 रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। ऐसे मामलों में टिकट या पास भी जब्त किया जा सकता है और संबंधित व्यक्ति को कोच से बाहर निकाला जाएगा। नशे की हालत में उपद्रव करने वालों के खिलाफ भी सख्त कार्रवाई का प्रावधान किया गया है। ऐसे मामलों में 24 घंटे तक का साधारण कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना, सामुदायिक सेवा या इन दंडों का संयुक्त रूप से प्रावधान किया गया है।

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