

कोलकाता :19 अगस्त 2026 को कोलकाता स्थित आईटीसी सोनार के भव्य भवन में दूसरे रेल सिनर्जी एवं बंगाल माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज वेंडर कनेक्ट समिट 2026 का आयोजन किया गया। इसका मुख्य विषय था— “आधुनिकीकरण से विस्तार तक: वैगन से ट्रैक, सुरक्षा एवं भारतीय रेलवे में टिकाऊ आपूर्ति-श्रृंखला की गहराई”। इस कार्यक्रम का आयोजन भारतीय उद्योग परिसंघ पश्चिम बंगाल राज्य परिषद द्वारा किया गया, जिसमें पूर्व रेलवे की सक्रिय भागीदारी रही। पूर्व रेलवे का नेतृत्व महाप्रबंधक सुश्री गीतिका पांडेय और प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक डॉ. उदय शंकर झा ने किया। इस आयोजन में रेलवे के निर्णयकर्ताओं तथा स्थानीय उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
सम्मेलन में इस बात पर विशेष प्रकाश डाला गया कि वर्ष 2026 भारतीय रेलवे के लिए बदलाव और तीव्र प्रगति का महत्वपूर्ण वर्ष है। इसके समर्थन में कई उल्लेखनीय उपलब्धियां सामने रखी गईं—भारत के लगभग 98% ब्रॉड गेज नेटवर्क का विद्युतीकरण हो चुका है, वित्त वर्ष 2025-26 के लिए ₹1.17 लाख करोड़ का सुरक्षा पूंजीगत व्यय निर्धारित किया गया है, वित्त वर्ष 2024-25 में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर पर प्रतिदिन 381 ट्रेन परिचालन दर्ज किया गया, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 में कुल पूंजीगत परिव्यय ₹2.65 लाख करोड़ तक पहुंच गया है।
इन महत्वाकांक्षी लक्ष्यों को हासिल करने के लिए सम्मेलन में पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे, मेट्रो रेलवे कोलकाता और डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड के वरिष्ठ रेलवे अधिकारियों ने भाग लिया। वाणिज्यिक, सामग्री प्रबंधन, परिचालन एवं अनुरक्षण, विद्युत तथा सिग्नल एवं दूरसंचार जैसे प्रमुख विभागों का प्रतिनिधित्व रहा। इनके साथ एमएसएमई विकास सुविधा कार्यालय, उद्योग संगठनों, मूल उपकरण निर्माताओं, केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों, रोलिंग स्टॉक एवं फास्ट-ट्रैक निर्माताओं तथा स्थानीय एमएसएमई नवाचारकर्ताओं के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
कार्यक्रम की शुरुआत रणनीतिक क्रियान्वयन पर एक उद्घाटन संगोष्ठी से हुई, जिसके बाद रोलिंग स्टॉक के स्थानीयकरण, कवच सिग्नलिंग की तैनाती, तथा डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर और गति शक्ति कार्गो टर्मिनल की क्षमता को दीर्घकालिक माल ढुलाई अनुबंधों में बदलने पर तीन पूर्ण सत्र आयोजित किए गए।
कार्यक्रम की प्रमुख विशेषताओं में बिजनेस-टू-बिजनेस और बिजनेस-टू-गवर्नमेंट वेंडर कनेक्ट, प्री-क्वालिफिकेशन संबंधी मार्गदर्शन के साथ एमएसएमई से अधिक लक्षित बैठकें, लाइव गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस हेल्पडेस्क, तथा एक प्रदर्शनी वॉकथ्रू शामिल रहे। प्रदर्शनी में आर्टिफिशियल, इंटेलिजेंस/इंटरनेट ऑफ थिंग्स निरीक्षण ड्रोन और डिजिटल ट्विन्स जैसी तकनीकों का प्रदर्शन किया गया।
इस सम्मेलन में सार्वजनिक और निजी दोनों क्षेत्रों के प्रमुख प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही। प्रमुख प्रतिभागियों में पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक, मेट्रो रेलवे कोलकाता के महाप्रबंधक, एमएसएमई विकास सुविधा कार्यालय के निदेशक, डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड में ऑपरेशंस एवं बिजनेस डेवलपमेंट के मुख्य महाप्रबंधक, चार्टर्ड इंस्टीट्यूट ऑफ लॉजिस्टिक्स एंड ट्रांसपोर्ट के महासचिव तथा पूर्व रेलवे के प्रधान मुख्य वाणिज्यिक प्रबंधक शामिल रहे।
अपने संबोधन में घरेलू सहयोग के महत्व पर जोर देते हुए सुश्री गीतिका पांडेय ने कहा,
“हमारा लक्ष्य केवल आधुनिक रेलवे परिसंपत्तियों का निर्माण करना नहीं है, बल्कि मजबूत घरेलू साझेदारियों के माध्यम से उनका तेजी से विस्तार करना भी है। एमएसएमई को सशक्त बनाकर और स्थानीय विक्रेताओं को हमारी आपूर्ति-श्रृंखला में एकीकृत करके हम पूरे देश के लिए अधिक सुरक्षित, तेज और विश्वस्तरीय रेल परिचालन सुनिश्चित कर सकते हैं।”
कार्यक्रम में अपनी वाणिज्यिक दृष्टि साझा करते हुए डॉ. उदय शंकर झा ने कहा-
“निर्बाध वाणिज्यिक ढांचे और मजबूत टर्मिनल कनेक्टिविटी का निर्माण हमारी बढ़ी हुई क्षमता को दीर्घकालिक व्यावसायिक साझेदारियों में बदलने के लिए आवश्यक है। हम वेंडर एकीकरण को सरल बनाने तथा वाणिज्यिक पारदर्शिता और परिचालन दक्षता के माध्यम से माल ढुलाई में वृद्धि को गति देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस सहयोगात्मक प्रयास को रेखांकित करते हुए पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी श्री शिबराम माझि ने कहा-
“यह सम्मेलन पूर्व रेलवे और उद्योग जगत की विशेषज्ञता के बीच एक महत्वपूर्ण सेतु का कार्य करेगी, जिससे आधुनिक और आत्मनिर्भर रेल नेटवर्क के निर्माण को गति मिलेगी।”