

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : बंगाल विधानसभा में परिवहन विभाग के वर्ष 2026-27 के बजट पर चर्चा का जवाब देते हुए राज्य के परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने पूर्ववर्ती तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) सरकार के कार्यकाल में सरकारी बसों की खरीद में कथित अनियमितताओं की जांच कराने की घोषणा की। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान खरीदी गई कई सरकारी बसें मात्र छह वर्ष के भीतर ही अनुपयोगी हो गईं, जिससे सरकारी धन का भारी नुकसान हुआ। मंत्री ने कहा कि यह जांच की जाएगी कि बस खरीद प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और किन कारणों से इतनी कम अवधि में बसें बेकार हो गईं। उन्होंने बताया कि इस विषय पर मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से उनकी चर्चा हो चुकी है और जल्द ही जांच प्रक्रिया शुरू की जाएगी। अर्जुन सिंह ने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान परिवहन व्यवस्था के इर्द-गिर्द एक समानांतर अर्थव्यवस्था विकसित हो गई थी। उनका दावा था कि सरकार को मिलने वाला राजस्व सिंडिकेट, वसूली करने वाले गिरोहों और अवैध नेटवर्क के पास चला जाता था। उन्होंने कहा कि जनता के टैक्स के पैसे से भ्रष्टाचार की एक बड़ी व्यवस्था खड़ी की गई, जिसकी पूरी जांच कराई जाएगी।
डिपो में खड़ी हैं हजारों खराब बसें
परिवहन मंत्री ने बताया कि राज्य के विभिन्न डिपो में हजारों सरकारी बसें खराब हालत में खड़ी हैं और उनमें से कई अब सड़क पर चलने योग्य भी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि केवल नई बसें खरीदना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आर्थिक रूप से भी मजबूत और लाभकारी बनाना होगा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देश पर राज्य सरकार ने लगभग 450 नई सरकारी बसों की खरीद का आदेश जारी कर दिया है, ताकि आम लोगों को बेहतर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
अवैध टोटो, ऑटो और भुटभुटियों पर होगी सख्त कार्रवाई
अर्जुन सिंह ने बिना अनुमति संचालित टोटो, ऑटो और भुटभुटियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई के संकेत दिए। उन्होंने कहा कि इन अवैध वाहनों के कारण सरकारी बस सेवाओं को गंभीर नुकसान पहुंचा है और राज्य को बड़े पैमाने पर राजस्व की हानि हुई है। परिवहन मंत्री ने विभाग के भीतर व्याप्त भ्रष्टाचार और दलाल तंत्र पर भी कड़ा रुख अपनाने की बात कही। उन्होंने आरोप लगाया कि परिवहन विभाग से जुड़ी विभिन्न सेवाओं के लिए आम लोगों से अवैध रूप से अतिरिक्त पैसे वसूले जाते थे। अपने संबोधन के अंत में अर्जुन सिंह ने सभी राजनीतिक दलों के विधायकों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जहां भी बस सेवा की आवश्यकता होगी, वहां राज्य सरकार बसें चलाने के लिए तैयार है।