कोलकाता की सड़कों पर ट्राम के लौटने की तैयारियां शुरू, 70 रूटों पर चलेगी

योजना के तहत बैटरी से चलने वाली, वातानुकूलित (एसी) ट्रामें चलाई जाएंगी
This 'historic tram', a witness to World War II, hit the streets on its birthday.
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : शहर की पहचान मानी जाने वाली ट्राम सेवा को आधुनिक स्वरूप में फिर से शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार ने ट्राम नेटवर्क के पुनर्जीवन की दिशा में कदम बढ़ाते हुए रेलवे मंत्रालय के उपक्रम राइट्स (RITES) से पुराने ट्राम मार्गों का सर्वे कराने का निर्णय लिया है। योजना के तहत बैटरी से चलने वाली, वातानुकूलित (एसी) ट्रामें चलाई जाएंगी, जिनमें ओवरहेड बिजली के तारों की आवश्यकता नहीं होगी। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि सरकार का लक्ष्य वाम मोर्चा शासनकाल में संचालित 70 ट्राम मार्गों को चरणबद्ध तरीके से फिर से चालू करना है। फिलहाल शहर में केवल दो ट्राम रूट—गड़ियाहाट-धर्मतल्ला और धर्मतल्ला-श्यामबाजार—पर ही सेवा संचालित हो रही है। नई योजना के तहत ट्रामें सड़क के बाईं ओर चलेंगी। सरकार दक्षिणेश्वर और कालीघाट मंदिरों को जोड़ने वाले एक विशेष हेरिटेज ट्राम कॉरिडोर के विकास पर भी विचार कर रही है। इसके अलावा न्यू टाउन तक ट्राम सेवा विस्तार की संभावना भी तलाशी जा रही है। कोलकाता ट्राम यूजर्स एसोसिएशन (CTUA) ने सरकार की पहल का स्वागत करते हुए कहा है कि संगठन पहले भी विभिन्न ट्राम मार्गों का सर्वे कर चुका है और ट्राम सेवा के विस्तार को लेकर सरकार के साथ सहयोग करने को तैयार है। संगठन का मानना है कि ट्राम पर्यावरण के अनुकूल, सुरक्षित और भीड़भाड़ कम करने वाला सार्वजनिक परिवहन है, जिसे आधुनिक तकनीक के साथ शहर में प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकता है।


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