

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : कोलकाता एयरपोर्ट के पास ऑरेंज लाइन मेट्रो के अंतिम 135 मीटर निर्माण कार्य को लेकर उत्पन्न गतिरोध के बीच बिधाननगर सिटी पुलिस ने एक वैकल्पिक मार्ग का प्रस्ताव दिया है। उद्देश्य है—निर्माण कार्य को फिर से शुरू कराना और साथ ही एयरपोर्ट क्षेत्र में संभावित भारी ट्रैफिक जाम से बचाव करना। हाल ही में पुलिस ने उस ट्रैफिक डायवर्जन योजना को खारिज कर दिया था, जो Rail Vikas Nigam Limited (आरवीएनएल) ने प्रस्तावित की थी। योजना के तहत एयरपोर्ट एग्जिट रोड को बंद कर ट्रैफिक को गेट 2.5 से डायवर्ट करने का सुझाव था। पुलिस का तर्क था कि इससे पीक आवर्स में भारी अव्यवस्था फैल सकती है और जाम की कतारें दक्षिणेश्वर व मध्यमग्राम तक पहुंच सकती हैं। बिधाननगर पुलिस आयुक्त मुरली धर के नेतृत्व में अधिकारियों ने एयरपोर्ट रोड के पास स्थित भूमि का पुनः निरीक्षण किया। इस दौरान ट्रैफिक वहन क्षमता और अस्थायी सड़क निर्माण की संभावनाओं का आकलन किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस सप्ताह आरवीएनएल और एयरपोर्ट प्राधिकरण के साथ संयुक्त निरीक्षण प्रस्तावित है।
क्या है नया प्रस्ताव? पुलिस के नए प्रस्ताव के मुताबिक, एयरपोर्ट एग्जिट रोड के पास की दीवार को एक स्थान पर तोड़कर तथा परित्यक्त व जर्जर एयर इंडिया भवन के एक हिस्से को हटाकर एक अस्थायी सड़क बनाई जा सकती है। यह सड़क सिंगल-लेन और वन-वे होगी, जो एयरपोर्ट एग्जिट रोड से ट्रैफिक को वीआईपी रोड की ओर मोड़ेगी और मौजूदा सड़क के समानांतर चलेगी। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम निर्माण कार्य या बुनियादी ढांचा विकास के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन प्रस्तावित डायवर्जन से भारी ट्रैफिक अराजकता की आशंका थी। इसलिए सभी पक्षों की सहमति से व्यवहार्य विकल्प तलाशा गया है।”
ऑरेंज लाइन पर क्यों आया अवरोध? : न्यू गरिया से एयरपोर्ट तक बनने वाली 31 किमी लंबी मेट्रो कॉरिडोर का अंतिम 900 मीटर हिस्सा एयरपोर्ट नियमों के कारण भूमिगत बनाया जा रहा है। जनवरी 2025 में एयरपोर्ट फ्लाईओवर के नीचे ‘बॉक्स-पुशिंग’ तकनीक से सुरंग निर्माण शुरू हुआ था। इस तकनीक में तीन ट्रेन कोच के आकार के बॉक्स को मिट्टी के भीतर धकेलकर सुरंग बनाई जाती है। हालांकि, कुछ महीने पहले भूमि धंसाव (सब्सिडेंस) की घटनाओं के बाद यह कार्य रोक दिया गया। मिट्टी को मजबूत करने के प्रयासों के बावजूद इंजीनियरों ने निष्कर्ष निकाला कि ‘कट-एंड-कवर’ पद्धति ही व्यवहारिक विकल्प है। इस विधि में पहले खाई खोदी जाती है, उसमें सुरंग का निर्माण कर उसे ऊपर से ढक दिया जाता है। इसके लिए एयरपोर्ट से वीआईपी रोड की ओर जाने वाली सड़क को खोदना अनिवार्य होगा। Metro Railway Kolkata के प्रवक्ता ने कहा, “मेट्रो परियोजना एक सतत प्रक्रिया है। जनहित की इस परियोजना को आगे बढ़ाने के लिए समय-समय पर विभिन्न पक्षों से संशोधित प्रस्ताव आते रहते हैं।” एयरपोर्ट अधिकारियों ने कहा है कि विस्तृत प्रस्ताव मिलने के बाद ही वे इस पर औपचारिक टिप्पणी करेंगे। यदि सभी संबंधित पक्षों की सहमति बनती है, तो ऑरेंज लाइन के रुके हुए कार्य को दोबारा गति मिल सकती है, जिससे न्यू गरिया-एयरपोर्ट मेट्रो संपर्क के जल्द पूरा होने की उम्मीद बढ़ जाएगी।