कोलकाता : रेल परिचालन की सुरक्षा, दक्षता और कर्मचारियों के कौशल विकास को नई ऊंचाई देने की दिशा में पूर्व रेलवे ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देवुस्कर ने सोमवार को सियालदह के बेलियाघाटा स्थित नवनिर्मित मल्टी-डिसिप्लिनरी डिविजनल ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट (एमडीडीटीआई) सह कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) केंद्र का उद्घाटन किया। यह पूर्व रेलवे का पहला एमडीडीटीआई है और भारतीय रेलवे में स्थापित ऐसे चुनिंदा सात अत्याधुनिक प्रशिक्षण केंद्रों में शामिल हो गया है।
पूर्व रेलवे के अनुसार, पुराने प्रशिक्षण केंद्र को अत्याधुनिक बहु-विषयक प्रशिक्षण संस्थान में परिवर्तित किया गया है। इसका उद्देश्य 'विकसित रेलवे–विकसित भारत' की परिकल्पना को साकार करने के लिए भविष्य की चुनौतियों के अनुरूप प्रशिक्षित और दक्ष रेलकर्मी तैयार करना है। संस्थान में राजपत्रित अधिकारी स्तर के प्राचार्य और विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की नियुक्ति की जाएगी, जो कर्मचारियों को व्यावहारिक और तकनीकी प्रशिक्षण प्रदान करेंगे।
इस संस्थान में परिचालन (ऑपरेटिंग), इंजीनियरिंग, सिग्नल एवं दूरसंचार (एस एंड टी), विद्युत तथा स्टोर्स विभाग के अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को एकीकृत तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसका उद्देश्य रेल संचालन की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाना तथा कर्मचारियों के ज्ञान और कौशल का स्तर बढ़ाना है।
महाप्रबंधक ने उद्घाटन के दौरान अत्याधुनिक इंटरएक्टिव डिजिटल स्मार्ट क्लास का भी शुभारंभ किया। साथ ही दिसंबर 2026 तक करीब 4.92 करोड़ रुपये की लागत से 120 टर्मिनल वाले कंप्यूटर आधारित डिजिटल परीक्षा केंद्र के निर्माण की घोषणा की गई। इससे विभागीय परीक्षाएं और प्रशिक्षण पूरी तरह डिजिटल एवं पारदर्शी तरीके से संचालित किए जा सकेंगे।
संस्थान में अत्याधुनिक ट्रेन इंफॉर्मेशन डिस्प्ले बोर्ड (टीआईबी) लैब भी स्थापित की गई है, जहां कर्मचारियों को रियल टाइम ट्रेन सूचना प्रणाली, केंद्रीकृत प्रबंधन, ऑडियो-वीडियो उद्घोषणा प्रणाली तथा हाई-ब्राइटनेस एलईडी डिस्प्ले के संचालन का प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अलावा लेवल क्रॉसिंग पर इलेक्ट्रिक लिफ्टिंग बैरियर (ईएलबी), स्लाइडिंग बैरियर, परमानेंट वे (ट्रैक) तथा सिग्नलिंग मॉडल रूम के माध्यम से भी व्यावहारिक प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है, जो सुरक्षित रेल संचालन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माने जाते हैं।
नवनिर्मित परिसर में 80 बिस्तरों वाला छात्रावास, कैफेटेरिया, विजिटिंग फैकल्टी रूम, पुस्तकालय, हाई-स्पीड वाई-फाई, आधुनिक परीक्षा एवं मूल्यांकन केंद्र जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। यह केंद्र कंप्यूटर आधारित परीक्षा (सीबीटी) और टैब आधारित परीक्षा (टीबीटी) के लिए भी उपयोग किया जाएगा।
अब तक यहां 15 से अधिक विभागीय पदोन्नति परीक्षाएं सफलतापूर्वक आयोजित की जा चुकी हैं, जिनमें 1,300 से अधिक कर्मचारियों का मूल्यांकन किया गया। साथ ही सियालदह मंडल के कर्मचारी आईजीओटी (iGOT) ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के माध्यम से भी प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।
सियालदह मंडल के मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) राजीव सक्सेना के नेतृत्व में तैयार इस परियोजना के तहत भविष्य में 12.84 करोड़ रुपये की लागत से 450 वर्गमीटर क्षेत्रफल में अत्याधुनिक थ्री-फेज मोशन सिम्युलेटर भवन बनाया जाएगा, जहां लोको पायलटों को उन्नत प्रशिक्षण दिया जाएगा।
इसके अतिरिक्त 4.99 करोड़ रुपये की लागत से पुराने भवन को आधुनिक सिग्नल एवं दूरसंचार (एस एंड टी) मॉडल रूम में परिवर्तित किया जाएगा, जिसमें अत्याधुनिक 'कवच' (एंटी-कोलिजन सिस्टम) सहित आधुनिक सिग्नलिंग उपकरण स्थापित किए जाएंगे।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा कि इस अत्याधुनिक प्रशिक्षण संस्थान के माध्यम से रेलवे में 'जीरो टॉलरेंस सेफ्टी प्रोटोकॉल' को और प्रभावी ढंग से लागू किया जा सकेगा तथा दैनिक रेल परिचालन की सुरक्षा और गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में यह संस्थान महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।