अब बिजली गुल होने पर नहीं रुकेगी मेट्रो, ब्लू लाइन पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू

पावर फेल में भी दौड़ेगी मेट्रो, 6.4 मेगावाट बैटरी बैकअप लागू
अब बिजली गुल होने पर नहीं रुकेगी मेट्रो, ब्लू लाइन पर पायलट प्रोजेक्ट शुरू
Published on

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: अब बिजली गुल होने पर मेट्रो सेवा पूरी तरह ठप नहीं होगी। यात्रियों को सुरंग के भीतर फंसे रहने और दमघोंटू स्थिति का सामना करने से राहत देने के लिए मेट्रो रेलवे कोलकाता ने एक नई पहल शुरू की है। बुधवार से ब्लू लाइन पर पायलट प्रोजेक्ट के तहत माइक्रो ग्रिड आधारित बैटरी बैकअप प्रणाली लागू की गई है। मेट्रो सूत्रों के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में 6.4 मेगावाट आवर क्षमता वाली बैटरी से ट्रेनों को आपातकालीन बिजली आपूर्ति मिल सकेगी। इससे अचानक पावर फेल होने पर भी ट्रेन को नजदीकी स्टेशन तक ले जाया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि इस व्यवस्था से सुरंग के भीतर ट्रेन के रुक जाने की स्थिति में यात्रियों को लंबे समय तक फंसे नहीं रहना पड़ेगा। मेट्रो के जीएम शुभ्रांशु शेखर मिश्रा ने बताया कि यह माइक्रो ग्रिड सिस्टम विशेष रूप से ब्लू लाइन के लिए शुरू किया गया है। यदि यह पायलट परियोजना सफल रहती है तो भविष्य में अन्य कॉरिडोरों पर भी इसे लागू किया जा सकता है। उनका कहना है कि इस तकनीक से न केवल ट्रेन को सुरक्षित रूप से स्टेशन तक पहुंचाया जा सकेगा, बल्कि संचार और वेंटिलेशन प्रणाली भी कुछ समय तक चालू रखी जा सकेगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व में व्यस्त कार्यालय समय के दौरान भी कई बार बिजली बाधित होने से मेट्रो सेवा रुक गई थी। खासकर दक्षिणेश्वर से शहीद खुदीराम (ब्लू लाइन) खंड में पावर फेल की घटनाएं सामने आई थीं। इन घटनाओं से सबक लेते हुए मेट्रो प्रशासन ने यह कदम उठाया है। मेट्रो अधिकारियों का मानना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद बिजली संकट की स्थिति में भी ट्रेन संचालन पर पहले जैसा गंभीर असर नहीं पड़ेगा और यात्रियों की परेशानी काफी हद तक कम हो सकेगी।


संबंधित समाचार

No stories found.

कोलकाता सिटी

No stories found.

खेल

No stories found.
logo
Sanmarg Hindi daily
sanmarg.in