भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर अब नए हॉकरों को नहीं मिलेगी जगह

यात्री सुरक्षा और विकास कार्यों पर पूर्व रेलवे का फोकस
भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर अब नए हॉकरों को नहीं मिलेगी जगह
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने बड़ा फैसला लेते हुए स्पष्ट कर दिया है कि अधिक भीड़भाड़ वाले रेलवे स्टेशनों पर अब किसी भी नए हॉकर को वेंडिंग लाइसेंस नहीं दिया जाएगा। रेलवे का कहना है कि प्लेटफॉर्म यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए हैं, इसलिए भीड़भाड़ वाले स्टेशनों पर अवैध और अनियंत्रित वेंडिंग पर रोक लगाई जाएगी। रेलवे सूत्रों के अनुसार, जिन स्टेशनों पर यात्रियों की संख्या अपेक्षाकृत कम है, वहां आवश्यकता के अनुसार एक-दो पेयजल स्टॉल लगाने की अनुमति दी जा सकती है लेकिन सियालदह, हाबरा, दमदम, पार्क सर्कस, जादवपुर और अन्य व्यस्त इंटरचेंज स्टेशनों के प्लेटफॉर्म पर नए विक्रेताओं को लाइसेंस जारी नहीं किए जाएंगे। मई के तीसरे सप्ताह से पूर्व रेलवे ने सियालदह मंडल के विभिन्न स्टेशनों पर अतिक्रमण हटाने का व्यापक अभियान चलाया है। इस दौरान सैकड़ों अवैध दुकानों और ढांचों को हटाया गया। अकेले पार्क सर्कस स्टेशन पर करीब 150 अवैध स्टॉल ध्वस्त किए गए। कार्रवाई के लिए मालगाड़ियों के जरिए पेलोडर मशीनें स्टेशन तक पहुंचाई गईं। रेलवे कर्मियों ने मेगाफोन के माध्यम से पहले हॉकरों को हटने की चेतावनी दी और फिर रातभर अभियान चलाकर अतिक्रमण हटाया। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि भीड़भाड़ वाले और इंटरचेंज स्टेशनों पर अब किसी भी नए विक्रेता को जगह नहीं दी जाएगी। एक अधिकारी ने कहा, प्लेटफॉर्म यात्रियों के लिए हैं, लेकिन कई बार हॉकरों के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में परेशानी होती है। मामला अदालत में विचाराधीन है और हमें हॉकरों की आजीविका की चिंता है, लेकिन यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। गुरुवार को सियालदह मंडल के अधिकारी ने पार्क सर्कस स्टेशन का निरीक्षण किया, जहां हाल ही में प्लेटफॉर्मों को अवैध विक्रेताओं से मुक्त कराया गया है। यहां नया बुकिंग कार्यालय, यात्री शेड, आधुनिक प्रकाश व्यवस्था और नया पहुंच मार्ग विकसित करने की योजना है। रेलवे ने यह भी निर्णय लिया है कि सियालदह दक्षिण स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 15 से 21 तक उपनगरीय यात्रियों के लिए पूरी तरह हॉकर-मुक्त क्षेत्र बनाया जाएगा। पूर्व रेलवे का मुख्य लक्ष्य अब स्टेशनों का आधुनिकीकरण और यात्री सुविधाओं का विस्तार है। सियालदह मंडल 40 स्टेशनों पर नए फुटओवर ब्रिज (FOB) बनाना चाहता है, लेकिन कई स्थानों पर हॉकरों के कब्जे के कारण निर्माण कार्य शुरू नहीं हो पा रहा है। ये सभी विकास परियोजनाएं पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देउस्कर की पहल पर तैयार की गई हैं।

सियालदह मंडल के डीआरएम राजीव सक्सेना ने बताया कि जल्द ही सियालदह स्टेशन पर एयरपोर्ट जैसे आधुनिक टॉयलेट कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा, मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के यात्रियों के लिए प्लेटफॉर्म संख्या 9 से 13 तक अलग प्रवेश मार्ग बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि कल्याणी स्टेशन का व्यापक कायाकल्प किया गया है, जहां नई लिफ्ट लगाई गई है तथा प्लेटफॉर्मों का विस्तार कर उन्हें 24 कोच वाली लोकल ट्रेनों के संचालन के अनुरूप बनाया जा रहा है।


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