पुरुष होकर महिला जैसी थी आवाज फिर …
, एसएसकेएम में किया गया ऑपरेशन
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : नाम और चेहरे से तो पुरुष हैं, लेकिन दोस्त 'काकी मां' कहकर पुकारते थे। सुडौल चेहरा होने पर भी मुंह खोलते ही महिला जैसी आवाज निकलती थी। इस कारण नदिया के बादकुल्ला का रहने वाला मिठुन दास काफी परेशान था। पुरुष होकर भी महिला जैसी आवाज के कारण उसे काफी अपमानित होना पड़ता था। उसके दोस्त उसका काफी मजाक उड़ाते थे और जहां जाता था वहां उसे इसी तरह परेशानियों का सामना करना पड़ता था। अपमानित होकर उसने आत्महत्या करने के बारे में भी ठान लिया था। आखिरकार एसएसकेएम अस्पताल में आकर उसे महिला जैसी आवाज से छुटकारा मिला। एसएसकेएम अस्पताल के ईएनटी विभाग के डॉक्टर मैनाक मित्र ने कहा कि पुरुष होकर भी महिलाओं जैसी आवाज असल में एक बीमारी है। इसे डॉक्टरी भाषा में 'प्यूबरफोनिया' कहते हैं। बंगाल में इस तरह के काफी मरीज हैं, लेकिन अस्पतालों में इन्हें काफी कम ही देखने को मिलता है। डॉ. ने कहा कि गैट्जमैन प्रेशर टेस्ट के द्वारा इस बीमारी का पता चलता है। स्पीच थेरेपी की मदद से इस बीमारी को ठीक किया जाता है जिसका खर्च काफी अधिक है। हालांकि एसएसकेएम अस्पताल में केवल 2 रु. के टिकट से ही मिठुन का इलाज 7 दिनों में हो गया।

