Kolkata on Dengue Alert : कई जिलों में कहर बरपा रहा डेंगू, उत्तर 24 परगना में सबसे अधिक मामले

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अब गांवों में भी डेंगू फैलने का डर, 3 जिले रेड जोन घोषित किये गये
कई जिलों में हॉटस्पॉट बनाये गये
सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : महानगर समेत पूरे राज्य में डेंगू संक्रमितों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पिछले कुछ दिनों में राज्य में काफी बारिश हुई। ऐसे में सड़कों पर हुए गड्ढों में पानी भर जाने से उनमें डेंगू के लार्वा पनपने का डर बढ़ गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कारण भी डेंगू के मामले बढ़ रहे हैं। कई जिलों में इस वक्त डेंगू कहर बरपा रहा है। सबसे अधिक मामले उत्तर 24 परगना में सामने आ रहे हैं। अब गांवों में भी डेंगू फैलने का डर बढ़ गया है। राज्य के 3 जिलों उत्तर 24 परगना, नदिया और मुर्शिदाबाद को रेड जोन घाेषित किया गया है जबकि कई जिलों में हॉटस्पॉट बनाये गये हैं।
रोजाना आ रहे हैं सैकड़ों मामले
मौजूदा स्थिति में राज्य में रोजाना 250 से 300 लोग डेंगू से संक्रमित हो रहे हैं। अब तक 40 से अधिक लोगों की मौत भी डेंगू से हो चुकी है। हालांकि आधिकारिक तौर पर केवल 3 मौतों की ही पुष्टि की गयी है। अब तक डेंगू के मामले 38,000 पार कर चुके हैं। केवल 1 सप्ताह में ही 1,000 से अधिक मामले सामने आये हैं। कोलकाता में डेंगू संक्रमितों की संख्या 4,000 पार कर चुकी है। मलेरिया के भी काफी मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं।
इन जिलों में अधिक हाे रहे हैं संक्रमित
कोलकाता के अलावा उत्तर 24 परगना, नदिया, मुर्शिदाबाद, हावड़ा, हुगली में संक्रमितों की संख्या काफी अधिक है। दक्षिण दमदम, विधाननगर, बारासात, कमरहट्टी के इलाके डेंगू हॉट स्पॉट के तौर पर उभर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, उत्तर 24 परगना जिले में सबसे अधिक हॉट स्पॉट हैं।
पंचायत इलाकों में भी फैलने का खतरा
शहर के साथ-साथ डेंगू के पंचायत इलाकों में भी फैलने का खतरा बढ़ गया है। ऐसे में पंचायत के नवनिर्वाचित सदस्यों को इसे लेकर जागरूक किया जायेगा। इसके अलावा ग्रामीण अस्पतालों में डेंगू इलाज के लिये प्रशिक्षण दिया जा रहा है। स्वास्थ्य भवन की ओर से निर्णय लिया गया है कि प्रत्येक जिला में डेंगू की स्थिति पर नियंत्रण के लिये एक या एकाधिक डॉक्टरों की नियुक्ति की जायेगी।
गांव से शहरों में रेफर करने में हो रही देरी
बताया जा रहा है कि इस मौसम में डेंगू से संक्रमित मरीजों के अस्पताल पहुंचने में देरी हो रही है। घर से इलाज चलने के दौरान अचानक ही परिस्थिति बिगड़ जा रही है। कुछ मामलों में ग्रामीण अस्पतालों अथवा स्वास्थ्य केंद्रों से शहर के अस्पतालों में 'रेफर' करने में भी देरी हो जा रही है जिस कारण मौतों की संख्या बढ़ रही है। ​किसे 'रेफर' करना होगा, किस मरीज का इलाज जिला से संभव है, इस विषय में जिला में नियुक्त संबंधित विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जायेगी।

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