अब कोलकाता मेट्रो में ‘कवच’ तकनीक, सफर होगा और सुरक्षित

नोआपाड़ा-बिमानबंदर सेक्शन में इंस्टॉलेशन का काम शुरू, कम अंतराल पर चल सकेंगी कई मेट्रो रेक
अब कोलकाता मेट्रो में ‘कवच’ तकनीक, सफर होगा और सुरक्षित
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता: कोलकाता मेट्रो में अब भारतीय रेलवे की स्वदेशी सुरक्षा तकनीक ‘कवच’ को शामिल किया जा रहा है। मेट्रो के नोआपाड़ा-बिमानबंदर सेक्शन में इस तकनीक को लगाने का काम शुरू हो चुका है। हैदराबाद की एक कंपनी इस परियोजना पर काम कर रही है। बताया जा रहा है कि अगले साल की शुरुआत तक ‘कवच’ तकनीक को इस सेक्शन में चालू किया जा सकता है। शुरुआती चरण में इसकी प्रभावशीलता की जांच की जाएगी, जिसके बाद मेट्रो के अन्य सेक्शनों में भी इसे लागू करने की योजना है।

दो ट्रेनों के बीच टक्कर का खतरा होगा कम

‘कवच’ एक स्वदेशी स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली है, जिसका उद्देश्य ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखना और दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है। एक ही लाइन पर चल रही दो मेट्रो ट्रेनें यदि एक-दूसरे के करीब आती हैं, तो यह तकनीक उनकी गति और दूरी पर नजर रखने में मदद करेगी। इससे दो ट्रेनों के बीच टक्कर की आशंका काफी कम की जा सकेगी। मेट्रो अधिकारियों के मुताबिक, इससे यात्रियों की सुरक्षा और मजबूत होगी।

कम अंतराल पर चल सकेंगी मेट्रो

‘कवच’ का फायदा केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं रहेगा। इस तकनीक की मदद से एक ही लाइन पर चलने वाली कई ट्रेनों की गति और उनके बीच की दूरी को बेहतर तरीके से नियंत्रित किया जा सकेगा। इसका सबसे बड़ा फायदा व्यस्त समय में यात्रियों को मिल सकता है। कम अंतराल पर मेट्रो चलाने की क्षमता बढ़ने से ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है। इससे यात्रियों को मेट्रो के लिए कम समय तक इंतजार करना पड़ सकता है।

सिग्नलिंग सिस्टम में भी आएगा बदलाव

‘कवच’ तकनीक के इस्तेमाल से मेट्रो के सिग्नलिंग और ट्रेन संचालन प्रणाली को भी आधुनिक बनाने में मदद मिलेगी। ट्रेन की स्थिति, गति और दूसरी ट्रेनों से उसकी दूरी पर बेहतर निगरानी रखी जा सकेगी। इससे मेट्रो संचालन अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित होने की उम्मीद है।

पिछले साल ही निकाला गया था टेंडर

कोलकाता मेट्रो में ‘कवच’ लागू करने की योजना काफी समय से चल रही थी। इसके लिए पिछले साल टेंडर भी जारी किया गया था। इसी प्रक्रिया के तहत हैदराबाद की एक कंपनी को काम की जिम्मेदारी मिली है। कंपनी ने नोआपाड़ा-बिमानबंदर रूट पर इंस्टॉलेशन का काम शुरू कर दिया है।

यात्रियों को क्या-क्या फायदा होगा?

* मेट्रो यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित हो सकती है।

* एक ही लाइन पर चलने वाली ट्रेनों के बीच सुरक्षित दूरी बनाए रखने में मदद मिलेगी।

* ट्रेन की गति और स्थिति पर बेहतर निगरानी संभव होगी।

* कम अंतराल पर मेट्रो चलाने की क्षमता बढ़ सकती है।

* व्यस्त समय में ट्रेन की फ्रीक्वेंसी बढ़ाई जा सकती है।

* यात्रियों के इंतजार का समय कम होने की संभावना है।

* सिग्नलिंग और ट्रेन संचालन प्रणाली में आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल बढ़ेगा।

कोलकाता मेट्रो में ‘कवच’ का सफल इस्तेमाल शहर की मेट्रो सेवा के लिए एक बड़ा तकनीकी अपग्रेड साबित हो सकता है। इससे एक ओर जहां सुरक्षा मजबूत होगी, वहीं दूसरी ओर भविष्य में अधिक फ्रीक्वेंसी के साथ मेट्रो चलाने का रास्ता भी आसान हो सकता है।

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