जंगल सफारी के लिए फिर देना होगा प्रवेश शुल्क, ग्रामीणों को मिली राहत

जेएफएमसी को राजस्व का हिस्सा मिलने की उम्मीद, रुके विकास कार्य दोबारा होंगे शुरू
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जंगल सफारी के लिए जाते पर्यटक
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सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : तीन महीने के बंद रहने के बाद गत 16 सितंबर से बंगाल के राष्ट्रीय उद्यानों और वन्यजीव अभयारण्यों को पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है। इसके साथ ही राज्य वन विभाग ने राष्ट्रीय उद्यानों और अभयारण्यों में पर्यटकों व वाहनों से प्रवेश शुल्क की वसूली भी फिर से शुरू कर दी है। इस फैसले से जंगलों के आसपास रहने वाले ग्रामीणों और विशेष रूप से संयुक्त वन प्रबंधन समितियों (जेएफएमसी) से जुड़े लोगों में राहत है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पर्यटकों से वसूले जाने वाले राजस्व का एक हिस्सा जेएफएमसी को मिलता है। इसका इस्तेमाल वन सीमावर्ती इलाकों में विकास कार्यों के लिए किया जाता है। जेएफएमसी सदस्यों के अनुसार, पहले विभाग के राजस्व का करीब 40 प्रतिशत हिस्सा उन्हें विकास कार्यों के लिए दिया जाता था।

डेढ़ साल से बंद थी शुल्क वसूली

पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के निर्देश के बाद पिछले वर्ष जनवरी से प्रवेश शुल्क की वसूली बंद कर दी गयी थी। इसके कारण पर्यटन क्षेत्र के साथ-साथ वन क्षेत्र से सटे गांवों में भी असंतोष था। शुल्क से मिलने वाली राशि से छोटी पुलिया का निर्माण, सड़कों की मरम्मत, डीप ट्यूबवेल लगाने और सौर ऊर्जा से चलने वाली स्ट्रीट लाइट लगाने जैसे काम किये जाते थे। राजस्व बंद होने के बाद इनमें से कई विकास कार्य रुक गये थे। गारो पाम्पू बस्ती संयुक्त वन प्रबंधन समिति के अध्यक्ष विजय शर्मा ने कहा कि प्रवेश शुल्क फिर से शुरू होने से वे खुश हैं। वर्ष के अंत में पहले की तरह फंड मिलने की उम्मीद है। इससे इलाके में विकास कार्य फिर शुरू किये जा सकेंगे।

ऑनलाइन टिकट की मांग

प्रवेश शुल्क शुरू होने के बाद जंगलों के प्रवेश द्वारों पर टिकट लेने के लिए पर्यटकों की लंबी कतारें लग रही हैं। गोरुमारा और जलदापाड़ा राष्ट्रीय उद्यानों में हाथी सफारी की ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा है, लेकिन सीमित संख्या के कारण कई पर्यटक वाहन सफारी को प्राथमिकता देते हैं।

पर्यटकों और पर्यटन कारोबार से जुड़े लोगों ने वाहन सफारी और वन प्रवेश टिकट की ऑनलाइन बुकिंग शुरू करने की मांग की है। उनका कहना है कि इससे कतार कम होगी और टिकट मिलने को लेकर अनिश्चितता भी दूर होगी।

पर्यटन क्षेत्र से जुड़े लोगों के मुताबिक, मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी 22 सितंबर को विश्व गैंडा दिवस के अवसर पर अलीपुरदुआर का दौरा कर सकते हैं। पर्यटन कारोबारियों को उम्मीद है कि इस दौरान वाहन सफारी और वन प्रवेश टिकट की ऑनलाइन बुकिंग को लेकर कोई घोषणा हो सकती है।


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