कोलकाता : श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट, कोलकाता (एसएमपीके) ने सोमवार को जेटी नंबर 8, किडरपोर, हुगली नदी किनारे स्थित इंडेंचर मेमोरियल पर इंडेंचर्ड मेमोरियल डे मनाया। यह कार्यक्रम उन भारतीय गिरमिटिया मजदूरों की अदम्य भावना और संघर्ष को समर्पित था, जिन्होंने 1834 से 1920 के बीच बेहतर जीवन की तलाश में कोलकाता पोर्ट से लंबी यात्राएं शुरू की थीं। उल्लेखनीय है कि पहली बार 15 सितंबर 1834 को छोटानागपुर क्षेत्र के 36 ‘हिल कूलियों’ का दल इसी पोर्ट से रवाना हुआ था। उसी ऐतिहासिक दिन की स्मृति में हर साल यह दिवस मनाया जाता है। वर्ष 2011 में उद्घाटित कोलकाता इंडेंचर मेमोरियल उन लाखों भारतीय स्त्री-पुरुषों को समर्पित है, जो मॉरिशस, गुयाना, त्रिनिदाद, दक्षिण अफ्रीका और अन्य दूरस्थ देशों में जाकर न केवल वहां की अर्थव्यवस्था और समाज में योगदान देते रहे, बल्कि भारतीय संस्कृति और मूल्यों को भी पीढ़ियों तक जीवित रखा।
इस अवसर पर पूरे दिन चलने वाले सेमिनार में भारत, मॉरिशस, फिजी, दक्षिण अफ्रीका, ब्रिटेन और अमेरिका से आए प्रतिष्ठित पैनलिस्ट शामिल हुए। पैनल चर्चाओं में गिरमिटिया मजदूरों के इतिहास, कोलकाता की ‘एमिग्रेशन गेटवे’ के रूप में भूमिका, वैश्विक प्रवासन नेटवर्क, उपनिवेशवाद और दास प्रथा के उन्मूलन की पृष्ठभूमि, साथ ही परिवार, समाज, लैंगिक दृष्टिकोण और भारतीय प्रवासी समुदायों के सामाजिक-आर्थिक योगदान जैसे मुद्दों पर विचार-विमर्श हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य गिरमिटिया मजदूरों के बलिदान और संघर्ष के प्रति गहरी समझ और सम्मान विकसित करना तथा उनके वंशजों को अपनी साझा धरोहर से जोड़ना था।