

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : भारतीय रेलवे ने लंबी दूरी की ट्रेनों के समयपालन (पंक्चुअलिटी) को लेकर संसद में अपनी ताजा रिपोर्ट पेश की है। रिपोर्ट में पश्चिम बंगाल के विभिन्न रेल मंडलों (डिविजनों) का प्रदर्शन सामने आया है जहां अलीपुरदुआर और सियालदह डिविजन ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए राज्य का मान बढ़ाया है, वहीं हावड़ा और खड़गपुर डिविजन की खराब समयपालन ने रेलवे अधिकारियों की चिंता बढ़ा दी है।
सियालदह और अलीपुरदुआर ने किया शानदार प्रदर्शन
रेल मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार देश के 70 रेल डिविजनों में से 23 डिविजन 90 प्रतिशत से अधिक समयपालन बनाए रखने में सफल रहे। सियालदह डिविजन ने 95 से 96.71 प्रतिशत समयपालन के साथ राष्ट्रीय स्तर पर 14वां स्थान हासिल किया। वहीं उत्तर-पूर्व सीमांत रेलवे के अलीपुरदुआर डिविजन ने 98.15 प्रतिशत समयपालन के साथ देशभर में सातवां स्थान प्राप्त कर बंगाल का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया।
हावड़ा और खड़गपुर की स्थिति कमजोर
रिपोर्ट के अनुसार हावड़ा डिविजन की समयपालन दर 84.05 प्रतिशत रही, जिसके चलते उसे राष्ट्रीय रैंकिंग में 42वां स्थान मिला। मालदा डिविजन 87.62 प्रतिशत समयपालन के साथ 30वें स्थान पर रहा, जबकि आसनसोल डिविजन 70.63 प्रतिशत के साथ 55वें स्थान पर पहुंच गया। सबसे खराब प्रदर्शन खड़गपुर डिविजन का रहा, जिसकी समयपालन दर केवल 40.52 प्रतिशत दर्ज की गई और उसे 70 डिविजनों में 69वां स्थान मिला। राष्ट्रीय स्तर पर कोटा डिविजन 100 प्रतिशत समयपालन के साथ पहले स्थान पर रहा। इसके बाद गुंटकल (99.33 प्रतिशत), अजमेर (99.17 प्रतिशत) और सलेम (99.15 प्रतिशत) का स्थान रहा। रतलाम, पलक्कड़, अलीपुरदुआर और तिरुवनंतपुरम डिविजनों ने भी 97 प्रतिशत से अधिक समयपालन दर्ज किया।