हावड़ा में जर्जर सरकारी शौचालयों का होगा कायाकल्प

टेंडर के जरिए एजेंसियों को सौंपी जाएगी जिम्मेदारी जल और रखरखाव के अभाव में कई शौचालय पड़े हैं बंद
हावड़ा में जर्जर सरकारी शौचालयों का होगा कायाकल्प
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सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : शहर के विभिन्न इलाकों में लंबे समय से जारी खुले में शौच की समस्या को दूर करने के लिए प्रशासन ने सरकारी शौचालयों के जीर्णोद्धार की पहल शुरू की है। सरकारी स्तर पर कई जगह शौचालय बनाए गए हैं, लेकिन पानी की नियमित आपूर्ति और रखरखाव के अभाव में इनमें से कई शौचालय लंबे समय से बंद या इस्तेमाल के लायक नहीं हैं। इसके कारण लोगों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। नगर विकास राज्यमंत्री उमेश राय ने बताया कि पुराने सरकारी शौचालयों की मरम्मत कर उन्हें जल्द से जल्द चालू करने की तैयारी की जा रही है। कई एजेंसियों ने शौचालयों के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी लेने में रुचि दिखाई है। जल्द ही टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से एजेंसियों का चयन किया जाएगा। मंत्री ने कहा कि कई सरकारी शौचालय फिलहाल अव्यवस्था की स्थिति में हैं। चयनित एजेंसियां इनकी नियमित देखरेख और बेहतर संचालन सुनिश्चित करेंगी। प्रशासन का कहना है कि जरूरत के मुताबिक शहर में नए शौचालय और यूरिनल भी बनाए जाएंगे। प्रशासन के अनुसार, पर्याप्त संख्या में साफ-सुथरे और उपयोगी शौचालय उपलब्ध होने से खुले में शौच की समस्या काफी हद तक कम की जा सकती है। मंत्री ने शहरवासियों से सड़क पर पेशाब नहीं करने और इधर-उधर कचरा नहीं फेंकने की अपील की है। लोगों से कूड़ा निर्धारित स्थान या डस्टबिन में डालने को कहा गया है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन की पहल का स्वागत करते हुए कहा कि सिर्फ शौचालय बनाना पर्याप्त नहीं है। वहां नियमित सफाई, पानी और रोशनी की व्यवस्था के साथ रखरखाव करने वाली एजेंसियों की निगरानी भी जरूरी है।


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