

हुगली : ब्रेथवेट कारखाने के श्रमिकों के लिए लंबे समय से चली आ रही समान काम के समान वेतन की मांग पूरी होने से खुशी की लहर है। मांग पूरी होने के बाद श्रमिकों ने कारखाने के गेट के सामने गेरुआ गुलाल उड़ाकर खुशी मनाई। श्रमिक संगठनों की ओर से लंबे समय से इस मांग को लेकर आंदोलन किया जा रहा था।
केंद्र के श्रम विभाग ने गत 6 जून को कोलकाता के रवींद्र सदन में ब्रेथवेट प्रबंधन और विभिन्न सरकारी क्षेत्र के प्रतिनिधियों को बैठक के लिए बुलाया था। बैठक में समान काम के लिए समान वेतन के साथ ही श्रमिकों को नियुक्ति पत्र और वेतन पर्ची देने की बात कही गई थी। इसके बाद निर्देश के अनुसार व्यवस्था लागू की गई।
अब अनस्किल्ड श्रमिकों को 784 रुपये और स्किल्ड श्रमिकों को करीब एक हजार रुपये प्रतिदिन मिल रहे हैं। इससे पहले श्रमिकों को करीब 350 रुपये प्रतिदिन मिलते थे। 26 दिन काम और ओवरटाइम समेत जहां पहले महीने में करीब 8 से 10 हजार रुपये मिलते थे, वहीं अब उनकी मासिक आय लगभग तीन गुना तक बढ़ गई है।
श्रमिकों ने बताया कि लंबे समय से काम करने के बावजूद स्थायी और अनुबंध श्रमिकों के वेतन में काफी अंतर था। कारखाने में करीब 30 स्थायी श्रमिक हैं, जबकि 61 अनुबंध श्रमिकों को समान काम करने के बावजूद काफी कम वेतन मिलता था। अब यह अंतर काफी हद तक खत्म हुआ है।
स्थायी श्रमिक कौशिक चट्टोपाध्याय ने कहा कि वेतन बढ़ने से श्रमिकों के साथ प्रबंधन भी खुश है। उन्होंने कहा कि ठेका श्रमिकों का वेतन भी बढ़ाया जाए तो और अच्छा होगा। ब्रेथवेट में करीब 250 ठेका श्रमिक कार्यरत हैं।
गौरतलब है कि वर्ष 2006 से रेलवे की पहल पर ब्रेथवेट कारखाना संचालित हो रहा है। यहां मालगाड़ी के रेल वैगन, बोगी, कंटेनर, क्रेन, ब्रिज, कपलर और कास्टिंग समेत रेलवे से जुड़े विभिन्न उपकरण और पुर्जे तैयार किए जाते हैं।