कोलकाता में ऐतिहासिक चिड़ा-दही महोत्सव का शुभारंभ, सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता

कोलकाता में ऐतिहासिक चिड़ा-दही महोत्सव का शुभारंभ, सैकड़ों श्रद्धालुओं की सहभागिता
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कोलकाता : 500 वर्षों से भी अधिक पुरानी वैष्णव परंपरा को स्मरण करते हुए भक्ति वेदांत रिसर्च सेंटर की पहल पर रविवार को कोलकाता में चिड़ा-दही महोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन श्रीश्री नित्यानंद प्रभु के आदेश पर श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी द्वारा प्रारंभ किए गए ऐतिहासिक पानीहाटी चिड़ा-दही महोत्सव की 510वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया। दक्षिण कोलकाता स्थित भक्ति वेदांत रिसर्च सेंटर के सामने पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री स्वप्न दासगुप्ता ने आरती कर और नारियल फोड़कर महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया। इस अवसर पर वित्त मंत्री ने कहा, श्रीचैतन्य महाप्रभु के आदर्श और संदेश पूरे विश्व में फैलें तथा मानवता को प्रेरित करें। भक्ति वेदांत रिसर्च सेंटर की ओर से आराध्य भगवान दास ने बताया कि लगभग 510 वर्ष पहले गंगा तट पर स्थित पानीहाटी में श्रीश्री नित्यानंद प्रभु के निर्देश पर श्रील रघुनाथ दास गोस्वामी ने हजारों भक्तों और आम लोगों के बीच चिड़ा (चिवड़ा) और दही प्रसाद वितरण का आयोजन किया था। यही घटना आगे चलकर वैष्णव समाज में 'चिड़ा-दही महोत्सव' के नाम से प्रसिद्ध हुई। उन्होंने कहा कि भक्ति, सेवा, समानता और प्रसाद वितरण की इस अनूठी परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुँचाने के उद्देश्य से कोलकाता में इस महोत्सव की शुरुआत की गई है। कार्यक्रम में 200 से अधिक श्रद्धालुओं ने भव्य पदयात्रा और महानगर संकीर्तन में भाग लिया। साथ ही, जाति, धर्म और वर्ण से ऊपर उठकर सभी लोगों के बीच निःशुल्क चिड़ा-दही प्रसाद वितरित किया गया। भक्ति वेदांत रिसर्च सेंटर के डीन एवं ट्रस्टी सुमंत रुद्र ने कहा, चिड़ा-दही महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि प्रेम, सेवा और भाईचारे की 510 वर्षों पुरानी जीवंत परंपरा है।

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