लिलुआ में खुले नाले में गिरे बाप-बेटे, स्थानीय लोगों ने बचाया

अव्यवस्थित ट्रैफिक से बढ़ी परेशानी KMDA ने शीघ्र समाधान का दिया आश्वासन
लिलुआ में खुले नाले में गिरे बाप-बेटे, स्थानीय लोगों ने बचाया
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

हावड़ा : हावड़ा का शैक्षणिक केंद्र माना जाने वाला लिलुआ इलाका इन दिनों अव्यवस्थित ट्रैफिक और जर्जर सड़कों के कारण गंभीर समस्या से जूझ रहा है। सुबह के समय भारी वाहनों की आवाजाही और ट्रकों की लंबी कतारों से स्थानीय लोगों को रोजाना परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि जिला प्रशासन की ओर से ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर ठोस कदम नहीं उठाये जा रहे हैं। परिणामस्वरूप हजारों लोग, विशेषकर स्कूली बच्चों और उनके अभिभावकों को रोज जाम और असुरक्षित रास्तों से गुजरना पड़ता है। यह स्थिति उस समय और चिंताजनक हो गयी जब एक पिता अपने दो बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रहे थे। सड़क जाम और खुले नाले के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वे बच्चों सहित नाले में गिर पड़े। मौके पर मौजूद स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में आक्रोश फैल गया। वहीं गुुरुवार को सूचना मिलते ही KMDA के अधिकारी, लिलुआ थाना के प्रभारी देवाशीष पहाड़ी और स्थानीय तृणमूल नेता सुरजीत चक्रवर्ती सहित कई लोग घटनास्थल पर पहुंचे। अधिकारियों ने खुले नाले की समस्या को गंभीर बताते हुए जल्द से जल्द स्थायी समाधान करने का आश्वासन दिया। गौरतलब है कि बाली क्षेत्र में खराब सड़कों की मरम्मत का कार्य तृणमूल कांग्रेस के जिलाध्यक्ष कैलाश मिश्रा की पहल पर लगातार जारी है। ऐसे में लिलुआ की इस गंभीर समस्या के समाधान को लेकर भी स्थानीय लोग प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि जब तक ट्रैफिक व्यवस्था सुधारी नहीं जाती और खुले नालों को ढंका नहीं जाता, तब तक किसी बड़े हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

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