

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
हावड़ा : मतदाता सूची के विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (SIR) का काम पूरी जिम्मेदारी के साथ पूरा करने के बावजूद एक बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का नाम ही अंतिम मतदाता सूची से गायब हो गया। मामला शिबपुर विधानसभा क्षेत्र के 172 नंबर सीट के 76 नंबर पार्ट का है। बीएलओ नवीन चंद्र साधुखां, जो एक सरकारी स्कूल शिक्षक भी हैं, ने आरोप लगाया है कि सभी आवश्यक दस्तावेज जमा करने के बावजूद उनका नाम मतदाता सूची से ‘डिलीट’ कर दिया गया। उन्होंने बताया कि SIR के दौरान वे घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करते रहे, नए नाम जोड़ने से लेकर पुराने रिकॉर्ड में सुधार तक की जिम्मेदारी निभाई। नवीन चंद्र साधुखां का कहना है, “मैंने नियुक्ति पत्र, शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पुराना ओबीसी प्रमाणपत्र और आधार सहित कुल 13 मान्य दस्तावेजों में से तीन प्रकार के कागजात जमा किए थे। इसके बावजूद अंतिम सूची में नाम हटाया गया दिखा।”उन्होंने दावा किया कि उसी पार्ट में उनके अलावा 34 अन्य मतदाताओं के नाम भी सूची से हटा दिए गए हैं। जिला निर्वाचन कार्यालय से संपर्क करने पर उन्हें आश्वासन मिला कि त्रुटि को बाद में सुधारा जाएगा। हालांकि अंतिम सूची प्रकाशित होने के बाद भी नाम शामिल नहीं होने से उन्होंने अब फॉर्म-6 जमा कर पुनः आवेदन किया है और सुधार की प्रतीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने क्षोभ जताते हुए कहा, “अब तक मैं दूसरों की पहचान सत्यापित करता रहा, आज अपनी ही पहचान साबित करनी पड़ रही है। प्रश्न यह उठ रहा है कि जब मतदाता सूची तैयार करने की जिम्मेदारी निभाने वाले अधिकारी का नाम ही सूची में नहीं है, तो इस चूक की जिम्मेदारी कौन लेगा?