Eastern Railway ने सियालदह मंडल में तीन ‘मेगा ब्लॉक’ कर किया ढांचागत सुदृढ़ीकरण

सुरक्षा, गति और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए बड़े पैमाने पर ट्रैक व ओएचई कार्य
Eastern Railway ने सियालदह मंडल में तीन ‘मेगा ब्लॉक’ कर किया ढांचागत सुदृढ़ीकरण
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मेघा, सन्मार्ग संवाददाता

कोलकाता : यात्रियों की सुरक्षा और परिचालन दक्षता को मजबूत करने के उद्देश्य से Eastern Railway ने Sealdah railway division में पिछले एक माह के दौरान तीन बड़े ‘मेगा ब्लॉक’ सफलतापूर्वक संपन्न किए। इन समन्वित ट्रैफिक और पावर ब्लॉकों के दौरान इंजीनियरिंग तथा ट्रैक्शन रोलिंग स्टॉक डिस्ट्रीब्यूशन से जुड़े व्यापक कार्य किए गए। कई काम ‘शैडो ब्लॉक’ तकनीक के तहत किए गए, जिससे ट्रेनों की देरी कम रखते हुए अधिकतम कार्य निष्पादन सुनिश्चित हुआ।

सियालदह–बालीगंज सेक्शन में सटीक तकनीकी कार्य : 21/22 जनवरी 2026 की मध्यरात्रि को Sealdah railway station–बालीगंज खंड में Park Circus स्थित फुट ओवर ब्रिज को हटाया गया। इसी दौरान बालीगंज स्टेशन सीमा में डबल स्लिप डायमंड पॉइंट (52 किग्रा से 60 किग्रा) का रूपांतरण किया गया, जिससे अधिक एक्सल लोड और उच्च सेक्शनल स्पीड संभव हो सकेगी। डाउन लाइन पर 220 ट्रैक मीटर की गहराई से बैलास्ट सफाई (2010 के बाद पहली बार) की गई तथा डुओ ट्रैक टैम्पिंग मशीन से 440 ट्रैक मीटर का कार्य पूरा किया गया।

बरासात–बनगांव सेक्शन में अंडरपास का निर्माण : 21/22 फरवरी 2026 को Thakurnagar railway station के निकट बरासात–बनगांव खंड में लिमिटेड हाइट सबवे (एलएचएस) बॉक्स डाला गया। यह कदम अनधिकृत ट्रैक पार करने की घटनाओं को रोकने और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए उठाया गया है। समानांतर रूप से बनगांव स्टेशन सीमा में पांच ग्लूड जॉइंट बदले गए तथा बनगांव और चांदपाड़ा के बीच 10 एलुमिनो-थर्मिक वेल्डिंग की गई। विद्युत संरचना को मजबूत करने के लिए ऑटो टेंशनिंग डिवाइस का पीरियॉडिक ओवरहॉलिंग और आठ 9-टन इंसुलेटर बदले गए।

लालगोला रूट पर व्यापक ट्रैक नवीनीकरण : 22 फरवरी 2026 को डेबाग्राम और पगला चांदी के बीच मेगा ब्लॉक के दौरान लेवल क्रॉसिंग संख्या 92/E पर एलएचएस बॉक्स स्थापित किया गया। इस खंड में बड़े पैमाने पर ‘शैडो वर्क’ किए गए—1.02 ट्रैक किलोमीटर का पूर्ण ट्रैक नवीनीकरण (पीआरआई) विशेष मशीनों के जरिए। रेजिनगर स्टेशन पर 52 किग्रा से 60 किग्रा पॉइंट का रूपांतरण।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ये मेगा ब्लॉक रेलवे ढांचे के लिए ‘सर्जिकल ऑपरेशन’ की तरह हैं, जो दीर्घकालिक मजबूती सुनिश्चित करते हैं।

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