मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता : पूर्व रेलवे के महाप्रबंधक मिलिंद देऊस्कर के 31 जुलाई 2026 को सेवानिवृत्त होने पर पूर्व रेलवे ने उन्हें भावभीनी विदाई दी। वर्ष 2024 की शुरुआत में महाप्रबंधक का पद संभालने वाले देऊस्कर का कार्यकाल सुरक्षा, आधारभूत संरचना विकास, परिचालन सुधार और कर्मचारी कल्याण के लिए याद किया जाएगा। उनके नेतृत्व में पूर्व रेलवे ने ट्रैक और सिग्नल सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। इस दौरान 1,049 ट्रैक किलोमीटर रेल नवीनीकरण, 695 किलोमीटर स्लीपर नवीनीकरण, 1,400 टर्नआउट नवीनीकरण और 894 किलोमीटर डीप ट्रैक स्क्रीनिंग का कार्य पूरा किया गया। हावड़ा–प्रधानखुंटा खंड पर 260 रूट किलोमीटर में ‘कवच’ प्रणाली लागू की गई तथा 396 इंजनों में यह सुरक्षा तकनीक स्थापित की गई। रेलवे नेटवर्क के विस्तार के तहत 14.88 किलोमीटर नई रेल लाइन का निर्माण, 11 यार्ड री-मॉडलिंग कार्य और कई बुनियादी ढांचा परियोजनाएं पूरी की गईं। सियालदह स्टेशन के चार प्लेटफार्मों का विस्तार कर प्रतिदिन लगभग 83 हजार अतिरिक्त यात्रियों को सुविधा दी गई। साथ ही 25 जोड़ी मेल-एक्सप्रेस ट्रेनें, 28 यात्री ट्रेन सेवाएं और 63 ईएमयू सेवाएं शुरू की गईं। वित्तीय मोर्चे पर पूर्व रेलवे ने 9,152 करोड़ का यात्री राजस्व और 20,753 करोड़ का माल राजस्व अर्जित किया। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा कि मिलिंद देऊस्कर का नेतृत्व और कार्यशैली आने वाली पीढ़ियों के रेलकर्मियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेगी।