कोलकाता : रेलवे बोर्ड के चेयरमैन एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी सतीश कुमार ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से भारतीय रेलवे के जोनल रेलों में सुरक्षा प्रदर्शन और प्रमुख परिचालन मामलों की उच्चस्तरीय समीक्षा की। बैठक में सभी जोनल रेलवे के महाप्रबंधक, प्रधान विभागाध्यक्ष (PHOD) और मंडल रेल प्रबंधक (DRM) शामिल हुए।
नई दिल्ली स्थित रेलवे बोर्ड मुख्यालय से चेयरमैन एवं सीईओ के साथ बोर्ड के सदस्य और वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए। वहीं, पूर्व रेलवे के फेयरली प्लेस स्थित मुख्यालय से महाप्रबंधक गीतिका पांडेय ने अपर महाप्रबंधक और प्रधान विभागाध्यक्षों के साथ बैठक में हिस्सा लिया। विभिन्न मंडलों के डीआरएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।
गीतिका पांडेय ने पूर्व रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था और सुरक्षा से जुड़े महत्वपूर्ण कार्यों की प्रगति की जानकारी दी। बैठक में सुरक्षा प्रबंधन को मजबूत करने, सीसीटीवी निगरानी के विस्तार, लेवल क्रॉसिंग गेटों को चरणबद्ध तरीके से समाप्त करने एवं इंटरलॉकिंग तथा सिग्नलिंग प्रणाली के आधुनिकीकरण पर चर्चा हुई।
यांत्रिक लीवर फ्रेम और पैनल इंटरलॉकिंग सिस्टम को बदलने तथा अपग्रेड करने की प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके अलावा भारतीय रेलवे की स्वदेशी कवच (KAVACH) ऑटोमैटिक ट्रेन प्रोटेक्शन प्रणाली के कार्यान्वयन की स्थिति पर भी चर्चा हुई, विशेष रूप से दिल्ली-हावड़ा उच्च घनत्व वाले रेल मार्ग पर इसके विस्तार को लेकर समीक्षा की गई।
बैठक में पूर्व रेलवे की आधारभूत संरचना और यात्री सुविधाओं से जुड़े कार्यों की भी समीक्षा हुई। इसमें ट्रैक के व्यापक रखरखाव, रोड ओवर ब्रिज (ROB) और रोड अंडर ब्रिज (RUB) के निर्माण की प्रगति तथा चिन्हित सब-वे और लिमिटेड हाइट सब-वे (LHS) में जलजमाव की समस्या दूर करने के लिए इंजीनियरिंग उपायों पर चर्चा की गई।
सतीश कुमार ने विभिन्न सुरक्षा और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए इनके व्यवस्थित क्रियान्वयन और निगरानी के लिए पूर्व रेलवे के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने सुरक्षा पर लगातार ध्यान देने, परियोजनाओं को समय पर पूरा करने और रेलवे परिचालन को और मजबूत बनाने के लिए आधुनिक तकनीक अपनाने पर जोर दिया।
पूर्व रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी शिबराम माझी ने कहा कि रेलवे परिचालन के हर क्षेत्र में सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। पूर्व रेलवे सुरक्षा प्रणालियों को लगातार मजबूत करने के साथ कवच और आधुनिक सिग्नलिंग जैसी तकनीकों को तेजी से लागू कर रहा है तथा यात्री सुविधाओं और बुनियादी ढांचे में भी सुधार किया जा रहा है।