कोलकाता: हाथीबागान के गैलिफ स्ट्रीट पशु-पक्षी बाजार में संरक्षित वन्यजीव और पक्षियों की बिक्री पर रोक के कलकत्ता हाईकोर्ट के निर्देश के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। रविवार सुबह से ही बाजार में कोलकाता पुलिस और कस्टम्स विभाग के अधिकारियों ने निगरानी शुरू कर दी। गत बुधवार को मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे की अध्यक्षता वाली डिवीजन बेंच ने निर्देश दिया था कि गैलिफ स्ट्रीट हाट में संरक्षित वन्यजीवों या पक्षियों की बिक्री नहीं की जा सकती। इसके बाद रविवार को अधिकारियों ने बाजार का निरीक्षण किया। लोगों को नियमों की जानकारी देने के लिए बाजार के विभिन्न हिस्सों में बैनर भी लगाए गए। अदालत के निर्देश के अनुसार, हाट में कारोबार करने वाले प्रत्येक व्यापारी के लिए कोलकाता नगर निगम का ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य किया गया है। बाजार के एक व्यापारी संगठन के सदस्य के अनुसार, यहां करीब 700 व्यापारी कारोबार करते हैं। उनका कहना है कि कई कारोबारियों के पास फिलहाल ट्रेड लाइसेंस नहीं है और उन्हें लाइसेंस मिलने तक बाजार में बैठने को लेकर चिंता है। इधर, ‘बागबाजार शौक की हाट वेलफेयर’ समिति की ओर से रविवार सुबह माइकिंग कर अवैध रूप से पशु-पक्षियों की खरीद-बिक्री नहीं करने की अपील की गयी। प्रशासन ने भी अदालत के निर्देश का पालन सुनिश्चित करने के लिए बाजार में निगरानी बढ़ा दी है।