

मेघा, सन्मार्ग संवाददाता
कोलकाता: मेट्रो रेलवे कोलकाता ने संकेत दिया है कि चिंगड़ीघाटा मेट्रो परियोजना का निर्माण कार्य इस महीने तो शुरू नहीं होगा ही, मार्च में भी इसके शुरू होने की संभावना बेहद कम है। बुधवार को कोलकाता में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में मेट्रो के जीएम शुभ्रांशु शेखर मिश्रा ने कहा कि मार्च माह में विभिन्न बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाएं निर्धारित हैं। ऐसे समय में ट्रैफिक व्यवस्था में किसी भी प्रकार का बड़ा बदलाव करना प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण होगा। जीएम ने बताया कि चिंगड़ीघाटा क्षेत्र शहर के व्यस्ततम इलाकों में से एक है। यहां निर्माण कार्य शुरू करने के लिए यातायात में आंशिक बदलाव और कुछ हिस्सों में सड़क उपयोग पर प्रतिबंध आवश्यक होगा। इसके लिए कोलकाता पुलिस की अनुमति अनिवार्य है। चूंकि परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं और अभिभावकों की आवाजाही रहती है, इसलिए पुलिस फिलहाल अनुमति देने के पक्ष में नहीं दिख रही है। मेट्रो प्रबंधन को भी मार्च में अनुमति मिलने की संभावना कम लग रही है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मेट्रो प्रशासन पुलिस और संबंधित एजेंसियों के साथ लगातार संपर्क में है और जैसे ही उपयुक्त समय मिलेगा, कार्य शुरू करने की दिशा में कदम उठाया जाएगा। इस परियोजना के पूरा होने पर ईएम बाईपास और सॉल्ट लेक क्षेत्र में यातायात दबाव कम होने की उम्मीद है तथा पूर्वी कोलकाता के साथ बेहतर कनेक्टिविटी स्थापित होगा। इधर, एयरपोर्ट के सामने ऑरेंज लाइन मेट्रो के अंतिम चरण के निर्माण को लेकर भी स्थिति स्पष्ट नहीं है। निर्माण कार्य के लिए सड़क के एक हिस्से को अस्थायी रूप से बंद करना आवश्यक है। हालांकि, प्रारंभिक स्तर पर बिधाननगर सिटी पुलिस ने सड़क बंद करने पर आपत्ति जताई थी। इस संबंध में मेट्रो अधिकारियों और पुलिस प्रशासन के बीच चर्चा जारी है। मेट्रो प्रशासन का कहना है कि परियोजनाओं के पूरा होने से शहर के उत्तरी और पूर्वी हिस्सों के बीच संपर्क और सुलभ होगा, साथ ही एयरपोर्ट तक आवागमन भी सुगम बनेगा। लेकिन फिलहाल प्रशासनिक अनुमति और ट्रैफिक प्रबंधन की स्वीकृति मिलने तक कार्य प्रारंभ करना संभव नहीं है।